झारखंड में रेल नेटवर्क का होगा विस्तार: खड़गपुर-झारसुगुड़ा मार्ग पर बनेगी चौथी लाइन, 2029-30 तक पूरा होगा काम
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10,783 करोड़ रुपये की तीन प्रमुख रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका लक्ष्य 2029-30 तक पूरा होना है।

खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागडेही) चौथी लाइन परियोजना है, जो सीधे तौर पर झारखंड के रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगी।
HighLights
केंद्रीय कैबिनेट ने 10,783 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी।
खड़गपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन झारखंड के रेल नेटवर्क को मजबूत करेगी।
औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ, माल ढुलाई और यात्री आवाजाही सुगम होगी।
इनमें सबसे महत्वपूर्ण खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागडेही) चौथी लाइन परियोजना है, जो सीधे तौर पर झारखंड के रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगी।
झारखंड के औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
14 जिले और 56 लाख आबादी होगी लाभान्वित
रेल मंत्रालय के अनुसार, मंजूरी पाई तीनों परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को कवर करेंगी। इससे:
- भारतीय रेलवे नेटवर्क में 656 किलोमीटर की अतिरिक्त वृद्धि होगी।
- लगभग 4,790 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे 56 लाख की आबादी को सीधा फायदा पहुंचेगा।
- सालाना 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी।
- लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी, 12 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी और 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
इन दो अन्य प्रोजेक्ट्स को भी मिली मंजूरी
- कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन: इस खंड की क्षमता बढ़ने से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच रेल यातायात सुगम होगा।
- बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन: इस लाइन के निर्माण से बिलासपुर क्षेत्र से पेंड्रा रोड की ओर चलने वाली ट्रेनों को अतिरिक्त ट्रैक मिलेगा।
ये सभी परियोजनाएं पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित की जाएंगी, जिससे झारखंड सहित संबंधित राज्यों में रोजगार, व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
