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झारखंड में रेल नेटवर्क का होगा विस्तार: खड़गपुर-झारसुगुड़ा मार्ग पर बनेगी चौथी लाइन, 2029-30 तक पूरा होगा काम

Published: Wed, 09 Sep 2026 08:39 PM (IST)

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10,783 करोड़ रुपये की तीन प्रमुख रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका लक्ष्य 2029-30 तक पूरा होना है।

खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागडेही) चौथी लाइन परियोजना है, जो सीधे तौर पर झारखंड के रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगी।

खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागडेही) चौथी लाइन परियोजना है, जो सीधे तौर पर झारखंड के रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगी।

HighLights

  1. केंद्रीय कैबिनेट ने 10,783 करोड़ रुपये की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी।

  2. खड़गपुर-झारसुगुड़ा चौथी लाइन झारखंड के रेल नेटवर्क को मजबूत करेगी।

  3. औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ, माल ढुलाई और यात्री आवाजाही सुगम होगी।

जासं, जमशेदपुर। झारखंड से गुजरने वाले महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर ट्रेनों का परिचालन अब और अधिक आसान होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बुधवार को रेलवे की तीन प्रमुख मल्टी ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। 
 
इन परियोजनाओं पर कुल 10,783 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इन्हें वर्ष 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इनमें सबसे महत्वपूर्ण खड़गपुर-झारसुगुड़ा (बागडेही) चौथी लाइन परियोजना है, जो सीधे तौर पर झारखंड के रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगी।

झारखंड के औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ 

खड़गपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड पर चौथी लाइन का निर्माण होने से झारखंड के प्रमुख औद्योगिक एवं खनिज बहुल क्षेत्रों में रेल परिवहन की क्षमता में वृद्धि होगी। 
 
इससे यात्री ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन के साथ-साथ मालगाड़ियों की आवाजाही भी सुचारू होगी। विशेष रूप से कोयला, सीमेंट, लौह अयस्क तथा इस्पात जैसे भारी उद्योगों की माल ढुलाई में सुगमता आएगी और व्यस्त मार्गों पर ट्रेनों का दबाव कम होगा।
 

14 जिले और 56 लाख आबादी होगी लाभान्वित 

रेल मंत्रालय के अनुसार, मंजूरी पाई तीनों परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के 14 जिलों को कवर करेंगी। इससे:

  •     भारतीय रेलवे नेटवर्क में 656 किलोमीटर की अतिरिक्त वृद्धि होगी।
  •     लगभग 4,790 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे 56 लाख की आबादी को सीधा फायदा पहुंचेगा।
  •     सालाना 27 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी।
  •     लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी, 12 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी और 62 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन घटेगा।


इन दो अन्य प्रोजेक्ट्स को भी मिली मंजूरी

  • कटनी-पेंड्रा रोड चौथी लाइन: इस खंड की क्षमता बढ़ने से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच रेल यातायात सुगम होगा।
  • बिलासपुर (उसलापुर)-पेंड्रा रोड तीसरी लाइन: इस लाइन के निर्माण से बिलासपुर क्षेत्र से पेंड्रा रोड की ओर चलने वाली ट्रेनों को अतिरिक्त ट्रैक मिलेगा।


ये सभी परियोजनाएं पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित की जाएंगी, जिससे झारखंड सहित संबंधित राज्यों में रोजगार, व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी।