कर्मचारियों को बड़ी सौगात: झारखंड में जल्द लागू होगी नई श्रम नियमावली, 1 साल की नौकरी पर ही मिलेगी ग्रेच्युटी और मुफ्त हेल्थ चेकअप
झारखंड में नई श्रम नियमावली जल्द लागू होगी, जिससे 62 लाख कामगारों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके तहत एक साल ...और पढ़ें

एआई द्वारा बनाया गया ग्राफिक्स।
HighLights
एक साल की सेवा पर मिलेगी ग्रेच्युटी।
40+ उम्र के कर्मचारियों का मुफ्त स्वास्थ्य जांच।
62 लाख ठेका कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा लाभ।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। देश में श्रम सुधारों (Labour Reforms) की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने चार नए श्रम कानूनों (Labour Codes) को देशव्यापी स्तर पर प्रभावी कर दिया है।
चूंकि भारत के संघीय ढांचे में 'श्रम' समवर्ती सूची (Concurrent List) का विषय है, इसलिए केंद्र के कानून के बाद राज्यों को अपनी नियमावली (Rules) बनानी होती है।
इस रेस में गुजरात बाजी मारते हुए नई श्रम नियमावली को पूरी तरह लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इसी कड़ी में अब झारखंड भी तेजी से कदम आगे बढ़ा रहा है।
राज्य के श्रम विभाग ने चारों नए श्रम कानूनों पर अपनी नियमावली का मसौदा (Draft) तैयार कर लिया है। वर्तमान में 'सामाजिक सुरक्षा संहिता' के कुछ तकनीकी और कानूनी बिंदुओं पर विधिक विभाग (LawDepartment) से अंतिम परामर्श चल रहा है।
झारखंड के 62 लाख कामगारों को सीधा लाभ
वहां से हरी झंडी मिलते ही इसे अंतिम स्वीकृति के लिए झारखंड कैबिनेट को भेजा जाएगा। झारखंड में वर्तमान में लगभग 62 लाख ठेका कर्मचारी श्रम पोर्टल पर निबंधित हैं।
जिनमें से लगभग तीन लाख कर्मचारी संगठित क्षेत्र (OrganizedSector) में कार्यरत हैं। नई नियमावली लागू होने से इन सभी के जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।
इन चार केंद्रीय संहिताओं (Codes) पर बनी राज्य की नियमावली:
- मजदूरी संहिता (Wage Code) 2019: सभी श्रेणी के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और समय पर भुगतान की कानूनी गारंटी।
- औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code) 2020: विवादों का तेजी से निपटारा और ट्रेड यूनियनों के लिए नई पारदर्शी व्यवस्था।
- सामाजिक सुरक्षा संहिता (Social Security Code) 2020: असंगठित व गिग वर्करों (जैसे डिलीवरी बॉय) को पहली बार पीएफ (PF) व ईएसआईसी (ESIC) का लाभ।
- व्यावसायिक सुरक्षा व स्वास्थ्य संहिता (OHS Code) 2020: कार्यस्थल पर सुरक्षा और महिला कर्मचारियों के लिए अनुकूल व सुरक्षित माहौल।
राज्य और कोल्हान के उद्योगों पर क्या होगा असर?
1. टाटा स्टील और अनुषंगी इकाइयां:
जमशेदपुर की लाइफलाइन कही जाने वाली टाटा स्टील और उसकी सहयोगी कंपनियों में कार्यरत हजारों 'फिक्स्डटर्म' (निश्चित अवधि) कर्मचारियों को अब पांच साल के बजाय केवल एक साल की सेवा पूरी करने पर ही ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा।
2. आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में बदलाव:
एशिया के सबसे बड़े औद्योगिक हब, आदित्यपुर की 1200 से अधिक सूक्ष्म, लघु व मध्यम (MSME) कंपनियों को अपने कर्मचारियों के वेतन स्ट्रक्चर में बदलाव करना होगा।
जिसके तहत बेसिक सैलरी कुल वेतन का 50% रखना अनिवार्य होगा। हालांकि, विवाद निपटारे की प्रक्रिया सरल होने से कंपनियों की कानूनी उलझने कम होंगी।
3. ठेका कर्मचारियों को बड़ी राहत:
उद्योगों में काम करने वाले हजारों ठेका कर्मचारियों को अब काम के पहले दिन से ही लिखित अपॉइंटमेंट लेटर (नियुक्ति पत्र) और अनिवार्य रूप से सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
असंगठित क्षेत्र को सुरक्षा और मुफ्त स्वास्थ्य जांच
जमशेदपुर, रांची, धनबाद और बोकारो सहित पूरे राज्य के लाखों असंगठित मजदूरों (जैसे निर्माण कार्य में लगे लोग) को पहली बार सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
इसके अलावा, राज्य की सभी कंपनियों में कार्यरत 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले कर्मचारियों का कंपनी मालिक द्वारा हर साल मुफ्त स्वास्थ्य जांच (Health Checkup) कराना अब कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।
झारखंड में नई श्रम नियमावली का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। कुछ बिंदुओं पर विधिक विभाग से कानूनी मंजूरी का इंतजार है। वहां से हरी झंडी मिलते ही इसे अंतिम स्वीकृति के लिए राज्य कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।
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जितेन्द्र सिंह, श्रम सचिव, झारखंड सरकार
