जमशेदपुर, जासं। दुर्गापूजा के दौरान बुधवार काे जिला प्रशासन ने काशीडीह के पूजा पंडाल में जो कुछ किया, उसके लिए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने सरकार की ओर से माफी मांग ली है। बन्ना ने गुरुवार को कन्या पूजन के दौरान कहा कि जिला प्रशासन को अतिरेक में आकर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी, वहां जो कुछ हुआ उसके लिए मैं माफी मांगता हूं।

इससे लगता है कि अब इस मामले का पटाक्षेप हो गया है, क्योंकि अभय सिंह ने जिला प्रशासन से माफी मांगने को कहा था।

वैसे इस मुद्दे पर गुरुवार को शाम पांच बजे दुर्गापूजा समितियों की बैठक होने वाली है। बन्ना ने यह भी कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की संभावना बनी हुई है, इसलिए पूजा समितियों को भी कोविड गाइडलाइंस का ध्यान रखना चाहिए। जिला प्रशासन को भी समन्वय बनाकर काम करना चाहिए।

अभय अड़ गए थे कि प्रशासन ने यदि माफी नहीं मांगी तो प्रतिमा विसर्जन नहीं करेंगे

भाजपा नेता अभय सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन ने जो गलती की है, वह अपमानजनक है। अब जिला प्रशासन अपनी गलती के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगेगा तो प्रतिमा विसर्जन नहीं करेंगे। दरअसल, उपायुक्त सूरज कुमार बुधवार की दोपहर काशीडीह दुर्गापूजा मैदान पहुंचे थे। उस दौरान काशीडीह स्थित दुर्गापूजा पंडाल के पास मंदिर परिसर में श्रद्धालु भोग लेने के लिए खड़े थे। उपायुक्त उन्हें भगाने लगे। जब इसकी सूचना ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह दुर्गापूजा समिति के संरक्षक अभय सिंह आए, तो उन्होंने उपायुक्त से इस बात पर आपत्ति जताई। अभय ने कहा कि आपने मंदिर से श्रद्धालुओं को क्यों भगाया। आपको पहले मुझसे बात करनी चाहिए। हालांकि इसके बाद उपायुक्त ने कंफ्यूजन होने की बात कहकर मामले को शांत कराया, लेकिन अभय सिंह अब इस बात पर अड़़ गए हैं कि जब तक जिला प्रशासन माफी नहीं मांगेगा, प्रतिमा का विसर्जन नहीं करेंगे। अभय ने कहा कि प्रशासन चाहे तो जबरन विसर्जन करा दे, लेकिन मैं विसर्जन नहीं करूंगा। अभय ने कहा कि जिला प्रशासन बताए कि मंदिर से भोग नहीं बंटेगा तो कहां से बंटेगा। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर वे किसके दबाव में लगातार जनभावना के विपरीत काम कर रहे हैं।

अभय ने डीसी से कहा था, गोली मार दीजिए हमको

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सूरज कुमार बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे काशीडीह स्थित दुर्गापूजा मैदान गए थे, जहां पंडाल के पास मंदिर से हो रहे भोग वितरण को बंद करा दिया। इसकी जानकारी मिलते ही अभय सिंह वहां पहुंचे और उपायुक्त से कहा कि कतारबद्ध होकर लोग भोग ले जा रहे हैं, तो इसमें प्रशासन को क्या आपत्ति है। इसे लेकर अभय सिंह की उपायुक्त से तेज बहस होने लगी। इसी बीच अभय सिंह ने कहा कि मुझसे कोई गलती हुई है तो मुझे गोली मार दीजिए।

अभय ने कहा कि हमने कोरोना गाइडलाइंस का पूरा पालन किया है। पंडाल भी उसी अनुरूप बनाया, कोई मेला नहीं लगाया, माइक नहीं बज रहा है। लाइटिंग नहीं की गई है, अब क्या करें। जिला प्रशासन या पुलिस प्रशासन को पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी। उपायुक्त से कहा कि आपने मुझे फोन क्यों नहीं किया, मुझे क्यों नहीं बुलाया। यदि मैं नहीं मानता तब प्रशासन कार्रवाई करता, लेकिन ऐसा नहीं कर वहां कतारबद्ध होकर प्रसाद ले रहे लोगों को डराया-धमकाया गया। उन्हें खाली हाथ भेज दिया गया। अभय सिंह बार-बार कह रहे थे मुझे बेइज्जत कर रहे हैं। मैंने यदि गलती की है तो गोली मार दीजिए हमको। मंदिर से श्रद्धालुओं को क्यों भगा रहे हैं आप। जब अभय ने कहा कि आप सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं, तो उपायुक्त ने कहा कि आप राजनीति की बात न करें। इस दौरान अभय ने उपायुक्त से बार-बार कहा कि अंगुली नीचे करिए। सिंह ने कहा कि क्या हिंदू हाेना या दुर्गा जी की पूजा करना पाप हो गया है। क्या हमने यहां रेस्टोरेंट खोला था। क्या हम शराब परोस रहे थे।

कुछ कंफ्यूजन हो गया था : उपायुक्त

इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि भोग वितरण को लेकर कुछ कंफ्यूजन था। कोरोना गाइडलाइंस में भोग की होम डिलीवरी करने का आदेश था। बाद में पता चला कि लोग खुद भोग लेने आ रहे थे। यहां गाइडलाइंस के मुताबिक पूजा हो रही है, इसके लिए पूजा समिति बधाई का पात्र है। समिति के लोगों ने कहा है कि भोग की होम डिलीवरी कराई जाएगी।

Edited By: Rakesh Ranjan