जमशेदपुर, जासं।  विश्वकर्मा कामगार संघ ने सरकार से मांग की है कि लॉकडाउन के दौरान छोटे सोना-चांदी की दुकान को खोलने का आदेश जारी करे। विश्वकर्मा कामगार संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि सभी तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठान को कुछ बंदिशों के साथ खोलने का अनुमति दी गइ है। ऐसे में ज्वेलरी व्यवसाय को बंदिशों के साथ खोलने की अनुमति देनी चाहिए। सरकार ज्वेलरी व्यवसाय के साथ सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है।

विश्वकर्मा कामगार संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार कहते हैं कि ज्वेलरी व्यवसाय से 3000 से अधिक कारीगरों का परिवार निर्भर है। अधिकांश कारीगर गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाले हैं। ज्वेलरी दुकान बंद होने के कारण कारीगर भी बेरोजगार हो गए हैं, जिसके कारण उनके समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा राशन आदि क़ी व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में लगभग 300 छाेटे ज्वेलरी दुकानदार हैं।

दिया इन दुकानों का उदाहरण

विश्वकर्मा कारीगर संघ का कहना है कि शहर में कोरोना का संक्रमण भी अब काफी कम हो गया है। जब सरकार सैलून व पार्लर को खोलने की अनुमति दे सकती है तो ज्वेलरी दुकान को बंद रखना कहीं से उचित नहीं। विश्वकर्मा कामगार संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने समाज हित में हेमंत सरकार से अविलंब ज्वेलरी दुकान खोलने देने का आदेश देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार का कोरोना से संबंधित जो भी गाइडलाइन है उसका दुकानदार व कारीगर पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द ही ज्वेलरी व्यवसाय को खोलने की अनुमति नहीं देती है तो दर्जनों कारीगर भुखमरी का शिकार हो सकते हैं। विश्वकर्मा कामगार संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने कहा है कि ज्वेलरी व्यवसाय के साथ ही जुड़ा हुआ होलमार्क का व्यवसाय। ज्वेलरी दुकानदार अपने जेवरों पर होलमार्क लगवाते हैं। ज्वेलरी व्यवसाय बंद होने से  होलमार्क का व्यवसाय भी बंद है। जहां दर्जनों कारीगर सरकार की ओर आशा की भाव से देख रहे हैं।

Edited By: Rakesh Ranjan