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जापान के सहयोग से झारखंड के जंगलों का होगा कायाकल्प, ग्रामीणों की कमाई बढ़ाने के लिए नया प्रोजक्ट

Published: Tue, 27 Oct 2026 11:47 AM (IST)

जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के सहयोग से झारखंड में वन संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए एक नई परियोजना शुरू की जा रही है।

जंगल विभाग का हेडक्वार्टर। फोटो जागरण

जंगल विभाग का हेडक्वार्टर। फोटो जागरण

HighLights

  1. जाइका के साथ झारखंड में वन संरक्षण परियोजना शुरू।

  2. ग्रामीणों को महुआ, तसर से आजीविका के अवसर।

  3. संयुक्त वन प्रबंधन से स्थानीय भागीदारी सुनिश्चित होगी।

मनोज सिंह, जमशेदपुर। झारखंड के जंगलों के संरक्षण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में जापान के सहयोग से नई पहल की जा रही है।

जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) की मदद से राज्य में प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन और ग्रामीण आजीविका संवर्धन को गति दी जाएगी।

परियोजना के तहत राज्य के 20 वन प्रमंडलों, 47 वन क्षेत्रों और लगभग 1400 संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को जोड़कर काम करने की तैयारी है। इससे वन संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर विकसित करने पर जोर रहेगा।

इसमें जापानी विशेषज्ञ यहां के अधिकारियों और कर्मचारियों काे प्रशिक्षण देगी, आधुनिक तकनीक का हस्तांतरण और परियोजनाओं के बेहतर संचालन में मदद करेगी।

PCCF के साथ जाइका के प्रतिनिधिमंडल ने की बैठक

परियोजना को गति देने के लिए जाइका के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह वन बल प्रमुख संजीव कुमार के साथ वन भवन में समीक्षा बैठक की।

इसमें परियोजना की कार्ययोजना, क्रियान्वयन की रणनीति और वन विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय को लेकर चर्चा हुई। पीसीसीएफ संजीव कुमार ने बताया कि जायका के साथ 10 साल का करार किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही कार्य धरातल पर उतरेगी।

महुआ और तसर से बढ़ेगी ग्रामीणों की कमाई

परियोजना में महुआ और तसर आधारित आजीविका को विशेष महत्व दिया जाएगा। झारखंड के ग्रामीण और वनवर्ती क्षेत्रों में महुआ तथा तसर आजीविका के महत्वपूर्ण साधन हैं।

इनके व्यवस्थित संग्रहण, प्रसंस्करण और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने से स्थानीय परिवारों की आय बढ़ाने की संभावनाएं हैं। इसके साथ महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने पर भी जोर रहेगा।

जंगल बचाने में ग्रामीणों की होगी भागीदारी

परियोजना के तहत वन संरक्षण एवं प्रबंधन, मृदा और जल संरक्षण तथा समुदाय आधारित प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन की गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के माध्यम से स्थानीय समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास होगा। इसका उद्देश्य जंगलों पर निर्भर ग्रामीणों की जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना है।

जाइका परियोजना झारखंड में वन संरक्षण और ग्रामीण विकास के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के साथ परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया है। - संजीव कुमार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, झारखंड