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मौसम का डबल अटैक: ईचागढ़ में भारी बारिश के बीच बिजली गुल; समय बीतने के बाद भी धान की बुआई रुकी

Published: Mon, 06 Jul 2026 08:16 PM (IST)Updated: Mon, 06 Jul 2026 08:36 PM (IST)

ईचागढ़ में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे बिजली गुल हो गई और धान की बुआई रुक गई है।

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में मानसून के आगाज के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।

ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में मानसून के आगाज के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है।

HighLights

  1. ईचागढ़ में भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

  2. लगातार बारिश और आंधी से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप।

  3. धान की बुआई रुकी, किसानों को फसल उत्पादन की चिंता।

संसू ईचागढ़।  ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र में मानसून के आगाज के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। रविवार शाम से शुरू हुई लगातार झमाझम बारिश ने जहां भीषण गर्मी से राहत दी, वहीं आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 
 
सोमवार को आसमान में इस कदर घने काले बादल छाए रहे कि दिनभर घनघोर अंधेरा पसरा रहा और सूर्य देव के दर्शन तक नहीं हुए।
 

सड़कों पर रेंगते वाहन, घरों में दुबके लोग 

दिन में ही रात जैसा नजारा होने के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। चालकों को दिन के उजाले में भी हेडलाइट जलाकर आवाजाही करनी पड़ी। 

लगातार और रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश की वजह से लोग अपने घरों में ही दुबके रहने को मजबूर हैं, जिससे रोजमर्रा के बाजार और काम-धंधे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।


किसानों की बढ़ी चिंता; बुआई और रोपाई ठप 

इस भारी बारिश ने सबसे ज्यादा मार कृषि क्षेत्र पर डाली है। खेतों में अत्यधिक पानी भर जाने के कारण धान का बीज बोने का काम पूरी तरह ठप हो गया है। स्थानीय किसानों की चिंताएं निम्नलिखित वजहों से बढ़ गई हैं: 

  •     बीज डालने का समय पार: किसानों का कहना है कि इस वर्ष खेतों में धान का बीज (बिचड़ा) डालने का सही समय हाथ से निकलता जा रहा है। 
  •     रोपाई में होगी देरी: समय पर बीज नहीं डलने के कारण आगे धान की रोपाई भी पिछड़ जाएगी, जिससे फसल के उत्पादन पर बुरा असर पड़ सकता है।


बिजली व्यवस्था चरमराई, पूरा क्षेत्र अंधकार में डूबा

लगातार हो रही बारिश और आंधी-पानी के कारण ईचागढ़ प्रखंड की बिजली आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। पूरा क्षेत्र 'ब्लैकआउट' (अंधकार) की चपेट में है। 
 
बिजली ठप होने से लोगों के रोजमर्रा के घरेलू काम, बच्चों की पढ़ाई, ऑनलाइन कार्य और सबसे महत्वपूर्ण पेयजल आपूर्ति जैसी आवश्यक सेवाएं बुरी तरह बाधित हो गई हैं।