झारखंड शिक्षा रिपोर्ट कार्ड: कोल्हान में पूर्वी सिंहभूम टॉप पर तो Ranchi 15वें पायदान पर, जानिए अपने जिले का हाल
झारखंड के मासिक जिला शिक्षा प्रदर्शन समीक्षा में पूर्वी सिंहभूम 76.38% अंकों के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा, ...और पढ़ें

पूर्वी सिंहभूम ने उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में 55.71 अंक और सक्षमकारी क्षेत्र में 20.68 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
HighLights
पूर्वी सिंहभूम ने राज्य शिक्षा प्रदर्शन में शीर्ष स्थान हासिल किया।
लोहरदगा और कोडरमा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
राजधानी रांची 15वें और गुमला सबसे निचले पायदान पर।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा केपीएमजी (KPMG) द्वारा संयुक्त रूप से जारी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन परफार्मेंस रिव्यू की मासिक रिपोर्ट में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है।
23 शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संकेतकों पर आधारित इस मूल्यांकन में पूर्वी सिंहभूम जिले ने 76.38 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है।
वहीं, लोहरदगा (71.92%) दूसरे और कोडरमा (69.96%) तीसरे स्थान पर रहे। दूसरी ओर, गुमला जिला 49.11% अंकों के साथ तालिका में सबसे निचले (24वें) पायदान पर खिसक गया है।
संतुलित प्रदर्शन और प्रशासनिक समन्वय की मिसाल
रिपोर्ट में जिलों का प्रदर्शन दो मुख्य श्रेणियों के आधार पर तय किया गया है:
- उच्च प्राथमिकता वाले संकेतक (70% भार): इसमें छात्रों के सीखने का स्तर और नियमित स्कूल अनुश्रवण शामिल हैं।
- सक्षमकारी संकेतक (30% भार): इसमें डेटा रिपोर्टिंग, समयबद्ध अपलोडिंग और प्रशासनिक समन्वय को आधार बनाया गया है।
पूर्वी सिंहभूम ने उच्च प्राथमिकता क्षेत्र में 55.71 अंक और सक्षमकारी क्षेत्र में 20.68 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। जिले में लगातार निरीक्षण और मजबूत प्रशासनिक तंत्र के कारण यह सफलता संभव हो सकी है।
राजधानी रांची 15वें पायदान पर, कोल्हान में भारी विषमता
रिपोर्ट ने राज्य के भीतर क्षेत्रीय असमानता को उजागर किया है। राज्य की राजधानी रांची 58.08 अंक के साथ 15वें स्थान पर पिछड़ गई है।
वहीं कोल्हान प्रमंडल में भारी अंतर देखा गया- जहां पूर्वी सिंहभूम (76.38%) राज्य में शीर्ष पर है और सरायकेला-खरसावां (67.80%) छठवें स्थान पर है, वहीं पश्चिमी सिंहभूम जिला 53.13 अंकों के साथ 23वें (नीचे से दूसरे) स्थान पर पहुंच गया है।
निचले पायदान के जिलों को सुधार के निर्देश
गुमला, पश्चिमी सिंहभूम और पाकुड़ (54.81%) जैसे पिछड़े जिलों में कमजोर मॉनिटरिंग, रिपोर्टिंग में देरी और शैक्षणिक फॉलो-अप की कमी को मुख्य कारण बताया गया है।
शिक्षा विभाग ने इन जिलों को शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों के मॉडल को अपनाकर सुधार करने की सलाह दी है।
झारखंड के सभी 24 जिलों की पूरी रैंकिंग टेबल (जुलाई 2026)
रैंक जिला कुल अंक उच्च प्राथमिकता अंक सक्षमकारी अंक
1 पूर्वी सिंहभूम 76.38% 55.71 20.68
2 लोहरदगा 71.92% 51.58 20.34
3 कोडरमा 69.96% 50.05 19.91
4 रामगढ़ 69.14% 51.96 17.18
5 सिमडेगा 68.06% 45.35 22.71
6 सरायकेला-खरसावां 67.80% 50.04 17.75
7 चतरा 65.85% 47.19 18.66
8 दुमका 62.37% 44.15 18.23
9 जामताड़ा 61.24% 42.86 18.38
10 हजारीबाग 60.76% 43.67 17.10
11 लातेहार 60.69% 45.25 15.43
12 साहिबगंज 59.54% 44.03 15.51
13 पलामू 59.10% 43.75 15.36
14 खूंटी 59.00% 40.62 18.38
15 रांची 58.08% 38.42 19.66
16 बोकारो 58.03% 43.13 14.90
17 गोड्डा 57.40% 40.62 16.78
18 देवघर 57.01% 42.32 14.69
19 धनबाद 56.91% 42.18 14.73
20 गिरिडीह 56.21% 43.63 12.59
21 गढ़वा 55.03% 39.01 16.02
22 पाकुड़ 54.81% 39.58 15.23
23 पश्चिमी सिंहभूम 53.13% 39.21 13.92
24 गुमला 49.11% 33.98 15.13
