जमशेदपुर मरीन ड्राइव हादसे के बाद एक्शन: DTO और MVI सड़कों पर रखेंगे नजर, बेतरतीब पार्किंग पर लगेगा ब्रेक
जमशेदपुर मरीन ड्राइव हादसे के बाद झारखंड परिवहन विभाग सक्रिय हो गया है। परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने राज्यभर में ...और पढ़ें

जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद झारखंड परिवहन विभाग एक्शन मोड में आ गया है।
HighLights
जमशेदपुर मरीन ड्राइव हादसे के बाद परिवहन विभाग सक्रिय।
मंत्री दीपक बिरुवा ने अनधिकृत पार्किंग पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीटीओ और एमवीआई टीमें सड़कों पर निगरानी करेंगी।
जागरण संवाददाता, चाईबासा । जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद झारखंड परिवहन विभाग एक्शन मोड में आ गया है।
इस हादसे में राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री तृषा सिंह समेत चार लोगों की असमय मौत हो गई थी।
घटना के बाद सड़कों पर अवैध पार्किंग और यातायात सुरक्षा को लेकर उठते सवालों के बीच परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने पूरे राज्य में सड़कों पर अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
डीटीओ और एमवीआई को दिए निगरानी के निर्देश
परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता से मुख्य और सहायक सड़कों पर वाहन खड़े न करने की अपील की है।
उन्होंने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DC) को निर्देश दिया है कि वे जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) की टीमों को सड़कों पर उतारकर अनधिकृत Parking के खिलाफ व्यापक अभियान चलाएं।
मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर बेतरतीब वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बन रही बेतरतीब पार्किंग
मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि मुख्य और संपर्क सड़कों पर खड़े वाहन न केवल सामान्य आवागमन को बाधित करते हैं, बल्कि जानलेवा हादसों का बड़ा कारण बनते हैं।
उन्होंने गैराज संचालकों, वाशिंग सेंटर मालिकों और विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे सड़कों को पार्किंग स्थल के रूप में इस्तेमाल न करें।
उन्होंने कहा कि सड़कों को निर्बाध आवाजाही के लिए खाली रखा जाना चाहिए और वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा किया जाना चाहिए।
क्या था मरीन ड्राइव हादसा?
उल्लेखनीय है कि 24 सितंबर की तड़के जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे खड़े एक भारी ट्रक से तेज रफ्तार कार की भीषण टक्कर हो गई थी।
इस दुर्घटना में कार सवार चार युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह भी शामिल थीं।
इस घटना के बाद से ही सड़क किनारे खड़े रहने वाले ट्रकों और भारी वाहनों पर कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही थी।
