जमशेदपुर, विश्वजीत भट्ट। झारखंड विधानसभा चुनाव के पांचवें और अंतिम चरण में शुक्रवार को शाम पांच बजे मतदान की अवधि समाप्त हाने के साथ ही एक्जिट पोल के नतीजे आने शुरू हो जाएंगे। पांचों चरण में वोट डाल मतदान केंद्र से बाहर निकले मतदाताओं के बीच सैंपल सर्वे के जरिए उनके मत के रुझान को जानने की प्रक्रिया ही एक्जिट पोल है। इसी आधार पर इसका पता चलेगा कि किस सीट से कौन सी पार्टी जीतने जा रही है और इस बार राज्य में किस खेमे की सरकार ने बनेगी।

एक्जिट पोल की कसौटी पर सबसे ज्यादा उत्सुकता जमशेदपुर और कोल्हान को लेकर है। क्योंकि, झारखंड में सत्ता का रास्ता कोल्हान से ही होकर गुजरेगा। कोल्हान की सभी 14 सीटों पर ताल ठोक रहे दिग्गजों और उनके समर्थकों की एक्जिट पोल ने धुकधुकी बढ़ा दी है। अभी तक प्रत्याशी या उनके रणनीतिकार वोटिंग पैटर्न की अपने स्तर से किए गए विश्लेषण के आधार पर जीत-हार का आकलन कर रहे हैं। वैसे तो हार का अंदेशा भी कई प्रत्याशियों को हो चुका है, लेकिन इस सच को स्वीकार करने की हिम्मत किसी ने नहीं दिखाई है। अलबत्ता पूछने पर हर किसी का दावा यही है कि जीत उसी की हो रही है। तो फिर एक्जिट पोल को लेकर धुकधुकी क्यों? एक बड़े नेता ने नाम न छापने का आग्रह करते हुए बड़ी सफागोई से कहा कि एक्जिट पोल मीडिया घरानों द्वारा किए जाते हैं। इसमें निष्पक्ष एजेंसियां सहयोग करती हैं। इसलिए हमारे कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक की तुलना में एक्जिट पोल की प्रामाणिकता, व्यापकता और गंभीरता ज्यादा मायने रखती है। लिहाजा, इन पर विश्वास करना ज्यादा सही लगता है।

ये है सबसे चर्चित जिज्ञासा

तो फिर जमशेदपुर पूर्वी में रघुवर दास लगातार छठी बार विधायक बनने का रिकार्ड बनाएंगे या सरयू राय रचेंगे नया इतिहास? एक्जिट पोल को लेकर सबसे चर्चित जिज्ञासा आजकल यही है। इसी तरह बहरागोड़ा में कुणाल, घाटशिला में प्रदीप बलमुचू, पोटका में मेनका, जुगसलाई में रामचंद्र सहिस, जमशेदपुर पश्चिमी में बन्ना गुप्ता, सरायकेला में चंपई, ईचागढ़ में साधु महतो के सियासी भविष्य को लेकर भी धुकधुकी चरम पर है। चक्रधरपुर में लक्ष्मण गिलुवा का क्या होगा? चाईबासा से जेबी तुबिद बनेंगे विधायक? जैसे सवाल भी सियासत के गलियारों में खूब चर्चा में हैं। 14 सीटों वाले कोल्हान में 2014 में भाजपा ने छह सीटें जीती थीं। झामुमो ने सात। एक सीट पर गीता कोड़ा विजयी हुई थीं। अब एक्जिट पोल का इंतजार इसलिए किया जा रहा है, ताकि पता चले सके कि 2019 के महासमर में कौन दल कितने पानी में हैं। लेकिन, सियासी सूरमाओं की सुनें तो एक्जिट पोल के नतीजे जो कहें, गणित उनके साथ है। 

इनके ये हैं चुनाव जीतने के अपने गणित 

जमशेदपुर पूर्वी 

मुख्यमंत्री के प्रयास से इस क्षेत्र में महिला विश्वविद्यालय और प्रोफेशनल ट्रेनिंग सेंटर का कार्य बहुत तेजी से चल रहा है। क्षेत्र की सभी बस्तियों में पीपीपी मोड पर पेयजल आपूर्ति शुरू कराई गई है। कंपनी और गैर कंपनी इलाके समानता लाने के 90 प्रतिशत काम हो चुके हैं। विकास कार्यों को देखते हुए जनता रघुवर दास के साथ है।

-पवन अग्रवाल, मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि 

एक परिवार के आतंक के साए में जीने को मजबूर जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र की जनता खुद को ठगा हुआ भी महसूस कर रही है। उसे पिछले पांच साल के दौरान भय दिया गया। भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद दिया गया। क्षेत्र की जनता को भय से मुक्ति और वाजिक हक दिलाने के लिए जनता ने मुझे जनादेश दिया है। 

-सरयू राय, निर्दलीय प्रत्याशी

जमशेदपुर में कंपनियां बंद हो रही हैं। यहां की कंपनियां खडग़पुर जा रही हैं। कोल्हान के सबसे बड़े अस्पताल एमजीएम बदहाल है। मुख्यमंत्री ने एक बार भी एमजीएम का दौरा क्यों नहीं किया? मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि मैं मालिकाना हक देने में असमर्थ हूं। इसलिए जनता मेरे साथ है। 

-प्रो. गौरव वल्लभ, कांग्रेस प्रत्याशी 

कुशासन और झूठे आश्वासनों से पूर्वी की जनता त्रस्त है। मालिकाना के नाम 25 साल तक इस क्षेत्र से रघुवर दास जीतते रहे अब यह हक देने से मुकर रहे हैं। मैं इस क्षेत्र के लिए 15 वर्षों से संघर्ष कर रहा हूं। इसलिए जनता का आशीर्वाद मेरे साथ है। 

-अभय सिंह, झाविमो प्रत्याशी

जमशेदपुर पश्चिमी 

केंद्र व राज्य सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। मैं 30 साल से भाजपा का समर्पित सिपाही हूं। कार्यकर्ताओं-मतदाताओं का जोश व उत्साह मुझे जीत की राह पर ले जा रहा है।

-देवेंद्रनाथ सिंह, भाजपा प्रत्याशी 

मुझे अपने काम और मतदाताओं पर पूरा भरोसा है। मैं उन छात्रों की तरह नहीं हूं जो अंतिम महीनों में पढ़ाई करते हैं। मैं रेगुलर छात्र हूं और रहूंगा। 

-बन्ना गुप्ता, कांग्रेस प्रत्याशी 

पोटका विधानसभा क्षेत्र

-विकास कार्यो की बदौलत तथा स्वच्छ छवि की बदौलत जीत की उम्मीद है। केंद्र व राज्य की स्पष्ट नीतियों का लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं ने पक्ष में मतदान किया है। 

- मेनका सरदार, भाजपा प्रत्याशी

-अधूरे विकास कार्य और क्षेत्र की जनता में स्थानीय विधायक के प्रति रोष का लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा इस बार शहरी क्षेत्र के वोटरों का लाभ मिला है। मतदाताओं ने इस बार झामुमो के प्रति विश्वास दिखाया है। 

-संजीव सरदार, झामुमो प्रत्याशी । 

जुगसलाई विधानसभा

-पहली बार जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने प्रत्याशी उतारा है। कार्यकर्ताओं ने जोश में वोटिंग किया। गांव से लेकर शहर तक मतदाताओं में भाजपा के पक्ष में उत्साह दिखा। 

-मुचिराम बाउरी, भाजपा प्रत्याशी।

-10 वर्षों से जनता के हर सुख-दुख में हमेशा जुड़ा रहा। उनके विश्वास पर हर संभव खरा उतरने का प्रयास किया। विधानसभा में ग्रामीण और शहरी मतदाता दोनों है। मेरे कार्य से जनता खुश है। मतदाताओं का रुझान मेरी ओर है। 

-रामचंद्र सहिस, आजसू प्रत्याशी।

-लगातार जनता के सपंर्क में रहा। उनकी समस्याओं का समाधान करने का हर संभव प्रयास किया। इस बार मुझे शहरी क्षेत्र के मतदाताओं का भी साथ मिला। मेरी जीत सुनिश्चित है।

-मंगल कालिंदी, झामुमो प्रत्याशी।

घाटशिला विधानसभा

घाटशिला के सभी वर्गों का समर्थन मिला है। गांव से लेकर शहर तक भाजपा के पक्ष में वातावरण है। मतदाताओं ने भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार के कार्यों पर मुहर लगाई है।

-लखन मार्डी, भाजपा प्रत्याशी

-कोई मेरे आगे नहीं है। सभी वर्गों का समर्थन प्राप्त हुआ है। टक्कर में कोई नहीं है। सामान्य वोटर, मुस्लिम वोटर, कुड़मी वोटर, आदवासी वोटरों का साथ मिला है। 

-डॉ. प्रदीप कुमार बलमुचू, आजसू

-भाजपा से सभी त्रस्त हैं। महंगाई चरम पर है। सभी वर्गों का मुझे साथ मिला। प्रत्येक प्रखंड से आशानुरूप मुझे वोट मिले हैं। मेरे अलावा अन्य प्रत्याशी दूसरे नंबर के लिए लड़ रहे हैं। 

-रामदास सोरेन, झामुमो प्रत्याशी।

बहरागोड़ा विधानसभा

-केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों का लाभ मिला है। प्रत्येक वर्ग का समर्थन मिला है। बहरागोड़ा एवं चाकुलिया के मतदाताओं ने खुलकर भाजपा का साथ दिया है। जीत के प्रति मैं आश्वस्त हूं। 

-कुणाल षड़ंगी, भाजपा प्रत्याशी।

-भाजपा विरोधी नीतियों का लाभ मिला है। स्थानीय मुद्दे भी हावी रहे। उन्हें सभी वर्गो से समर्थन प्राप्त हुआ है। भाजपा नेताओं मुझे जेल भेजने की पूरी कोशिश की। मैं भारी मतों से जीतूंगा। 

-समीर महंती, झामुमो प्रत्याशी

ईचागढ़ 

-सरकार की झारखंड विरोधी मानसिकता और कार्य के खिलाफ मतदाताओं के वोट को अपनी ओर करने में कामयाब हुई हूं। सभी बूथों पर मतदाताओं ने अपना समर्थन दिया। ईचागढ़ के मतदाताओं ने शहीद परिवार को सम्मान देने के साथ पूर्व उप मुख्यमंत्री स्व. सुधीर महतो के अधूरे विकास कार्यो को पूरा करने का जनादेश दिया है।

-सविता महतो, झामुमो उम्मीदवार, ईचागढ़

-25 वर्षो से क्षेत्र के लोगों से जुड़ा हूं। सेवा और अपने प्रतिनिधित्व काल में किए गए विकास कार्यों को देखकर मतदाताओं ने अपना समर्थन दिया। ईचागढ़ की जनता की सरकार और निवर्तमान विधायक से नाराजगी का लाभ मिला। मतदाताओं ने सहानुभूति दिखाई।

-अरविंद कुमार सिंह, निर्दलीय उम्मीदवार ईचागढ़

सरायकेला

-सरायकेला की जनता ने लगातार छठी बार विश्वास जताया है। लोग रघुवर सरकार की कार्यशैली से बेहद नाखुश हैं। विकास के लिए हेमंत सोरेन की सरकार बनाने के लिए अपना मत दिया। इसके लिए मतदाताओं ने मुझे अपना जनप्रतिनिधि चुना।

-चंपई सोरेन, झामुमो उम्मीदवार सरायकेला

-पांच वर्षों की अनवरत सेवा, जरूरतमंद लोगों की मदद, शिक्षित युवाओं का सहयोग आदि कार्य करने के कारण जनता ने अपना समर्थन दिया। निर्वतमान विधायक के गढ़ ईचापीढ़ के मतदताओं ने इस बार एकमुश्त वोट भाजपा को दिया। इसके साथ ही सरायकेला नगर, आदित्यपुर, गम्हरिया आदि क्षेत्रों में भी भाजपा बढ़त पर रहेगी।

-गणेश माहली, भाजपा उम्मीदवार सरायकेला

Posted By: Rakesh Ranjan

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