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खाकी के खिलाफ खाकी की बगावत: छुट्टी न मिलने पर एएसआई ने पूर्व डीआईजी-एसपी समेत कई दिग्गजों पर कोर्ट में केस ठोकने की तैयारी की

Published: Thu, 15 Oct 2026 08:16 PM (IST)

एएसआई शुभांकर कुमार ने छुट्टी न मिलने पर पूर्व डीआईजी, एसपी समेत कई अधिकारियों पर झारखंड उच्च न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने का फैसला किया है।

30 जून, 9 जुलाई और 5 अक्टूबर 2026 को लगातार आवेदन देने के बावजूद अब तक उन्हें अवकाश के लिए अनुमति नहीं मिली है।

30 जून, 9 जुलाई और 5 अक्टूबर 2026 को लगातार आवेदन देने के बावजूद अब तक उन्हें अवकाश के लिए अनुमति नहीं मिली है।

HighLights

  1. एएसआई शुभांकर कुमार ने अधिकारियों पर छुट्टी न देने का आरोप लगाया।

  2. पूर्व डीआईजी, एसपी समेत कई पर हाईकोर्ट में केस करेंगे।

  3. पुलिस मुख्यालय की जांच रिपोर्ट 21 माह से लंबित है।

संसू, आदित्यपुर। सरायकेला पुलिस केंद्र में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) शुभांकर कुमार ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए झारखंड उच्च न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने की ठान ली है। 
 
उन्होंने पूर्व डीआईजी अजीत पीटर डुंगडुंग, चंदन कुमार सिन्हा, आनंद प्रकाश, चंदन कुमार झा, रिचर्ड लकड़ा और अजय लिंडा के अलावा पूर्व एसपी मुकेश कुमार लुणायत तथा हिरदीप पी. जनार्दनन के खिलाफ न्यायालय में मामला दर्ज कराने के लिए एसपी को आवेदन देकर अवकाश की अनुमति मांगी है। 
 
हालांकि, उनका आरोप है कि 30 जून, 9 जुलाई और 5 अक्टूबर 2026 को लगातार आवेदन देने के बावजूद अब तक उन्हें इसके लिए अनुमति नहीं मिली है।
 

वर्ष 2024 से चल रहा है विवाद 

एएसआई शुभांकर कुमार का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और थाना प्रभारियों के रवैये के कारण उन्हें वर्ष 2024 का आकस्मिक और क्षतिपूर्ति अवकाश नहीं मिल पाया। 
 
उन्होंने अपने इकलौते पुत्र के जन्मदिन, भतीजी व भगिनी की सगाई तथा रिसेप्शन जैसे महत्वपूर्ण पारिवारिक आयोजनों में शामिल होने के लिए छुट्टी मांगी थी, लेकिन तत्कालीन थाना प्रभारी ने उन्हें रोक दिया और उनका आवेदन भी आगे नहीं बढ़ाया।
 

पुलिस मुख्यालय की जांच ठंडे बस्ते में 

शुभांकर के मुताबिक, उनकी इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय, रांची ने 9 जनवरी 2025 को जिला एसपी को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तलब की थी। 
 
उनका दावा है कि पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्देश दिए जाने के बावजूद करीब 21 महीने बीत जाने के बाद भी आज तक कोई रिपोर्ट नहीं भेजी गई।
 
विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई न होने के कारण वे मानसिक रूप से काफी तनाव में हैं और न्याय के लिए अब न्यायालय की शरण में जाने को विवश हैं।
 
इस सूची में कई अन्य पूर्व अधिकारी जैसे पूर्व एसडीपीओ समीर कुमार सवैया, संतोष कुमार मिश्रा और पूर्व डीएसपी प्रदीप उरांव व चिरंजीत मंडल के नाम भी शामिल हैं। 
 
हालांकि, इस मामले में अभी तक संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष या विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।