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नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को कैबिनेट की मंजूरी: 607 करोड़ से खेतों तक पहुंचेगा चांडिल डैम का पानी

Published: Tue, 27 Oct 2026 11:01 PM (IST)

चांडिल अनुमंडल के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के किसानों के लिए अच्छी खबर है, राज्य सरकार ने 607 करोड़ रुपये की 'नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना' को मंजूरी दी है।

राज्‍य सरकार ने नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना' के क्रियान्वयन के लिए 607.0332 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

राज्‍य सरकार ने नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना' के क्रियान्वयन के लिए 607.0332 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

HighLights

  1. नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को मंजूरी।

  2. किसानों को मिलेगी राहत, बढ़ेगी कृषि आय।

जासं, चांडिल। चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के किसानों के लिए अच्‍छी खबर है। राज्य सरकार ने चांडिल डैम के पानी से इन दोनों प्रखंडों में सिंचाई की सुविधा उपलब्‍ध कराई जाएगी। 
 
इसके लिए 'नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना' के क्रियान्वयन के लिए 607.0332 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। 
 
मंगलवार को आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई।
 

भूमिगत पाइपलाइन से खेतों तक पहुंचेगा पानी 

इस योजना के तहत चांडिल जलाशय से पानी को लिफ्ट कर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के दूरदराज खेतों तक पहुंचाया जाएगा। 
 
अब तक पारंपरिक रूप से बारिश पर निर्भर रहने वाले इस क्षेत्र के किसानों को इस परियोजना के धरातल पर उतरने से बड़ी राहत मिलेगी। 
 
पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलने से किसान न केवल पारंपरिक धान की खेती बेहतर ढंग से कर सकेंगे, बल्कि रबी और अन्य मौसमी फसलों की खेती की भी नई संभावनाएं बढ़ेंगी, जिससे उन्हें फसलों के चयन में अधिक विकल्प मिलेंगे।
 

किसानों की पुरानी मांग हुई पूरी 

ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई की समुचित व्यवस्था होना लंबे समय से किसानों की प्रमुख मांग रही है। क्षेत्र में पर्याप्त जल संसाधन होने के बावजूद खेतों तक पानी न पहुंच पाने के कारण कृषि की संभावनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। 
 
मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के आकार लेने से क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, किसानों की आय में सुधार होगा। 
 
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ योजना के समयबद्ध निर्माण, पाइपलाइन के सुचारू विस्तार और खेतों तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित होने पर निर्भर करेगा।