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धालभूम क्लब में सजी सतरंगी शाम: मां दुर्गा की भक्ति और बॉलीवुड गानों पर जमकर झूमी लौहनगरी, 'जागरण डांडिया' ने जीता दिल

Published: Thu, 15 Oct 2026 10:48 PM (IST)

दैनिक जागरण द्वारा साकची के धालभूम क्लब में आयोजित 'जागरण डांडिया' में लौहनगरी ने भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम ...और पढ़ें

साकची स्थित धालभूम क्लब में गायिका सुस्वाति मलिक ने दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया।

साकची स्थित धालभूम क्लब में गायिका सुस्वाति मलिक ने दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया।

HighLights

  1. सुस्वाति मलिक के गीतों पर जमकर थिरके शहरवासी।

  2. मां दुर्गा की वंदना और फिल्मी तरानों का संगम।

  3. दैनिक जागरण ने संस्कृति और समाज को जोड़ा।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। शरद ऋतु की रुपहली रात, सतरंगी रोशनियों का तिलिस्म और हवाओं में घुलती ढोल की मदमस्त थाप के बीच साकची स्थित धालभूम क्लब का प्रांगण एक जादुई क्षण का गवाह बना। 
 
अवसर था दैनिक जागरण के तत्वावधान में आयोजित 'जागरण डांडिया' का। जैसे ही सुप्रसिद्ध गायिका सुस्वाति मलिक की झंकृत करने वाली तान गूंजी, पूरी लौहनगरी उल्लास के सागर में गोते लगाने लगी। 
 
मां दुर्गा की आराधना और फिल्मी तरानों के अद्भुत संगम के बीच पारंपरिक परिधानों में सजे शहरवासियों के कदम स्वतः ही थिरक उठे। यह आयोजन आनंद की वह बहती नदी बन गया, जहां हर कोई अपनी दैनिक थकान भूलकर मस्ती की लहरों में झूम रहा था।
 

संस्थापक को नमन और नौ देवियों की वंदना से आगाज 

उत्सव का औपचारिक शुभारंभ दैनिक जागरण के संस्थापक स्व. पूर्णचंद्र गुप्ता और पूर्व प्रधान संपादक स्व. नरेंद्र मोहन के चित्रों पर माल्यार्पण व श्रद्धांजलि अर्पण के साथ हुआ। इसके बाद नौ विशिष्ट महिलाओं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
 
कार्यक्रम की सांस्कृतिक शुरुआत शक्ति की देवी मां दुर्गा की भावपूर्ण वंदना से हुई। पूनम वर्मा की टीम और उनके साथ नौ महिलाओं ने जब मंच पर माता के नौ रूपों को जीवंत करते हुए प्रस्तुति दी, तो पूरा प्रांगण श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर हो उठा। 
 
इसके बाद गायिका सुस्वाति मलिक ने मंच संभालते हुए अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
 

'परी हूं मैं' से 'ढोली तारो' तक पर थिरके कदम 

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संगीत की स्वर लहरियों ने ऐसा समां बांधा कि उम्र का हर फासला मिट गया। "ढोली तारो ढोल बाजे", "ओ लाल दुपट्टे वाली", "परी हूं मैं" और "तूने मारी एंट्रियां दिल में बजी घंटियां" जैसे लोकप्रिय गीतों पर युवाओं और महिलाओं ने जमकर डांडिया रास किया। 
 
वहीं, जब "सबसे बड़ा तेरा नाम, मां शेरावाली" की धुन गूंजी, तो पूरा धालभूम क्लब भक्ति भाव में डूब गया। रंग-बिरंगे केडिया, चनिया-चोली और पारंपरिक परिधानों में सजे लोग जब एक ताल में डांडिया टकरा रहे थे, तो दृश्य बेहद मनोरम लग रहा था।
 

पत्नियों के हैंडबैग थामे पतियों की टूटी झिझक 

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दर्शक दीर्घा का नजारा बेहद गुदगुदाने वाला रहा। कार्यक्रम के शुरुआती दौर में कई पुरुष संकोचवश किनारे खड़े नजर आ रहे थे और अपनी पत्नियों के हैंडबैग थामकर खड़े थे। 
 
लेकिन जैसे-जैसे गीतों की रवानी बढ़ी और माहौल में उत्सव का रंग गहराया, उनकी झिझक दूर हो गई। "तूने मारी एंट्रियां..." बजते ही शर्मीले पति भी हैंडबैग किनारे रखकर सीधे मैदान में कूद पड़े और अपनी पत्नियों के साथ कदम से कदम मिलाकर डांडिया करने लगे।
 

अतिथियों एवं विशिष्ट हस्तियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान दैनिक जागरण जमशेदपुर के संपादकीय प्रभारी प्रदीप सिंह, एजीएम दिलावर साहू और सीनियर मार्केटिंग मैनेजर अजय पांडेय ने अतिथियों व प्रायोजकों को बुके व मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।
 
सम्मानित होने वाली नौ विशिष्ट महिलाओं में डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. पल्लवी गौतम ठाकुर, ऋचा गर्ग, ज्योति भगत, एम. लक्ष्मी, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. निधि श्रीवास्तव और मनप्रीत कौर शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, अभिषेक चाइल्ड केयर के डॉ. अभिषेक, आदर्श एकत्वम ग्रुप के कृष्ण मुरारी, केके आवास के विकास सिंह और एमआर ज्वेलर्स के महेंद्र वर्मा को भी मंच पर सम्मानित किया गया।
 

'संस्कृति और समाज को जोड़ने का सशक्त सेतु है जागरण' 

संपादकीय प्रभारी प्रदीप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दैनिक जागरण केवल समाचारों का वाहक नहीं है, बल्कि समाज को उसकी सांस्कृतिक जड़ों और जीवन मूल्यों से मजबूती से जोड़े रखने का एक सशक्त माध्यम भी है। 
 
यह आयोजन हमारी गौरवशाली परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सेतु है। मुख्य अतिथि डॉ. अभिषेक ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच दैनिक जागरण का यह प्रयास शहरवासियों में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करता है। एजीएम दिलावर साहू ने स्वागत भाषण दिया, जबकि अजय पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। 

दिनभर की व्यापारिक थकान जागरण डांडिया के एक घंटे में ही दूर हो गई। ऐसा सुरक्षित और पारिवारिक माहौल केवल दैनिक जागरण ही प्रदान कर सकता है।

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रमेश, व्यवसायी

सुरक्षा और मस्ती का जो शानदार संयोजन इस कार्यक्रम में मिला, वह अतुलनीय है। हम चाहते थे कि यह खुशनुमा रात कभी खत्म न हो।

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रिया, छात्रा

 दैनिक जागरण हर बार कुछ ऐसा आयोजन करता है जो सीधे दिल को छू जाता है। परिवार के साथ बिताए ये यादगार पल हमेशा याद रहेंगे।

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कविता, गृहिणी

दैनिक जागरण के इस अद्भुत कार्यक्रम में पहली बार आकर बहुत अच्छा लगा। यहां का माहौल काफी सुरक्षित और शानदार है। कार्यक्रम की गुणवत्ता और व्यवस्था बेहतरीन रही। यहां आकर समय बिताने का अनुभव बहुत खास रहा।

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खुशबू कुमारी, गोलमुरी