जमशेदपुर, जेएनएन। positive India कहते हैं मन में सकाराम्‍मक विचार हों तो निराशाएं घर नहीं करतीं। अगर जमशेदपुर की यह बेटी निराशा को गले लगा लेती तो शायद ही उसकी झोली में एक और नई उपलब्धि गिर पाती। जमशेदपुर के टेल्‍को के हुरलुंग इलाके में पली-बढ़ी खुशी आज की तारीख में कला की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखती है।

वैश्चिक संकट बनकर सामने खड़े कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जब देश में लॉकडाउन हुआ तो कैसे-कैसे दृश्‍य दरपेश आए बताने की जरूरत नहीं। लेकिन खुशी ने निराशा भरे माहौल में भी खुशी तलाशने की कोशिश जार रखी और इसका नतीजा है कि उसका पहला भोजपुरी एल्‍बम शुक्रवार को रिलीज हुआ। कई सौंदर्य प्रतियोगिता में अपनी खूबसूरती और काबिलियत का लोहा मनवा चुकी खुशी का यह पहला भोजपुरी एल्‍बम है। 

खुशी ने बताया कि यह एक हाउस शूट था जो लॉकडाउन की वजह से वर्तमान परिस्थितियों के कारण मोबाइल से किया गया। यह लॉकडाउन में कुछ नया करने की हमारी कोशिश है। आशा है कि सभी को हमारी यह कोशिश पसंद आएगी। खुशी लॉकडाउन के बाद भी चाहने वालों को सरप्राइज देने के लिए तैयार है। उसकी विभिन्न भाषाओं में कई प्रोजेक्‍ट जल्‍द ही धरातल पर उतरेंगे। 

 लॉकडाउन चलता

खुशी के एल्‍बम का नाम है-लॉकडाउन चलता। इसके निर्माता शोर तिवारी हैं जबकि गीत मानक परदेशी और और संगीत मोनू सिन्‍हा का है। सूरज सम्राट ने गाने गाए हैं। इसके कोरियोग्राफर लक्‍की राज जबकि वीडियो एडिटर कृष्‍णा शर्मा हैं। कैमरे से दृश्‍य को संजोया है प्रदीप गोंडवाना ने।  

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