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हरियाली के दावों के बीच धुआं-धुआं जमशेदपुर: CPCB की रिपोर्ट में धनबाद और रांची से पिछड़ा, मिला 36वां स्थान

Published: Mon, 07 Sep 2026 07:38 PM (IST)Updated: Tue, 08 Sep 2026 12:51 PM (IST)

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026' में जमशेदपुर 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 36वें ...और पढ़ें

जमशेदपुर में वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्तर तक गिरने और रैंकिंग में पिछड़ने के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं।

जमशेदपुर में वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्तर तक गिरने और रैंकिंग में पिछड़ने के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं।

HighLights

  1. जमशेदपुर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर 36वें स्थान पर।

  2. धनबाद (17वां) और रांची (27वां) से काफी पीछे रहा।

  3. औद्योगिक उत्सर्जन, सड़क धूल, निर्माण कार्य मुख्य कारण।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। अपनी हरियाली के लिए पहचाने जाने वाले औद्योगिक शहर जमशेदपुर के लिए चिंताजनक खबर है।
 
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026' की रिपोर्ट में जमशेदपुर हवा की स्वच्छता के मामले में राज्य के अन्य प्रमुख शहरों से काफी पिछड़ गया है। 
 
10 लाख से अधिक आबादी वाले देश के प्रमुख शहरों की श्रेणी में जमशेदपुर को राष्ट्रीय स्तर पर 36वां स्थान मिला है, जो इसकी बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
 

कोयलांचल धनबाद ने मारी बाजी, राजधानी रांची भी आगे 

सर्वेक्षण के नतीजों में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि अत्यधिक खनन और कोयला क्षेत्र होने के बावजूद धनबाद ने वायु गुणवत्ता सुधारने में राज्य भर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। 
 
धनबाद ने राष्ट्रीय स्तर पर 17वां स्थान हासिल कर राज्य में पहला स्थान बनाया। वहीं, लगातार बढ़ते ट्रैफिक और निर्माण कार्यों के बावजूद राजधानी रांची 27वें स्थान पर रही। दोनों ही शहर जमशेदपुर से काफी बेहतर स्थिति में दर्ज किए गए।
 

जमशेदपुर के पिछड़ने की मुख्य वजहें 

जमशेदपुर में वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्तर तक गिरने और रैंकिंग में पिछड़ने के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार पाए गए हैं:

  •     औद्योगिक उत्सर्जन: कारखानों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला जहरीला धुआँ और हानिकारक कण।
  •     सड़क की धूल व ट्रैफिक: भारी वाहनों और ट्रकों की लगातार आवाजाही से उड़ती धूल।
  •     निर्माण कार्य: अनियंत्रित निर्माण गतिविधियाँ और ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) की लचर व्यवस्था।
  •     पौधारोपण की कमी: हरित क्षेत्र के दावों के बावजूद पर्याप्त पौधारोपण का अभाव।

 

सुधार के लिए जमशेदपुर अक्षेस की कार्ययोजना 

हवा की इस बदतर स्थिति और गिरती रैंकिंग के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए नई योजनाओं पर काम करने का दावा कर रही है। 
 
हालांकि, धरातल पर कड़े कदम न उठाए जाने के कारण जमशेदपुर की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। यह शहर वासियों के लिए चिंता का सबब है।

जमशेदपुर के रांची और धनबाद से पिछड़ने के कई कारण हो सकते हैं। शहर के बीच औद्योगिक इकाइयां हैं और भारी वाहनों की आवाजाही लगातार रहती है। सड़क की धूल, ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र का अभाव और पौधारोपण की कमी भी प्रमुख कारण हैं।

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जितेंद्र कुमार सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक