हरियाली के दावों के बीच धुआं-धुआं जमशेदपुर: CPCB की रिपोर्ट में धनबाद और रांची से पिछड़ा, मिला 36वां स्थान
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026' में जमशेदपुर 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 36वें ...और पढ़ें

जमशेदपुर में वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्तर तक गिरने और रैंकिंग में पिछड़ने के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं।
HighLights
जमशेदपुर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में राष्ट्रीय स्तर पर 36वें स्थान पर।
धनबाद (17वां) और रांची (27वां) से काफी पीछे रहा।
औद्योगिक उत्सर्जन, सड़क धूल, निर्माण कार्य मुख्य कारण।
कोयलांचल धनबाद ने मारी बाजी, राजधानी रांची भी आगे
जमशेदपुर के पिछड़ने की मुख्य वजहें
जमशेदपुर में वायु गुणवत्ता के खतरनाक स्तर तक गिरने और रैंकिंग में पिछड़ने के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार पाए गए हैं:
- औद्योगिक उत्सर्जन: कारखानों और औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला जहरीला धुआँ और हानिकारक कण।
- सड़क की धूल व ट्रैफिक: भारी वाहनों और ट्रकों की लगातार आवाजाही से उड़ती धूल।
- निर्माण कार्य: अनियंत्रित निर्माण गतिविधियाँ और ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) की लचर व्यवस्था।
- पौधारोपण की कमी: हरित क्षेत्र के दावों के बावजूद पर्याप्त पौधारोपण का अभाव।
सुधार के लिए जमशेदपुर अक्षेस की कार्ययोजना
जमशेदपुर के रांची और धनबाद से पिछड़ने के कई कारण हो सकते हैं। शहर के बीच औद्योगिक इकाइयां हैं और भारी वाहनों की आवाजाही लगातार रहती है। सड़क की धूल, ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र का अभाव और पौधारोपण की कमी भी प्रमुख कारण हैं।
जितेंद्र कुमार सिंह, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक
