जमशेदपुर महिला विवि में ड्रोन टेक्नोलॉजी कोर्स शुरू, खुलेंगे रोजगार और करियर के नए द्वार, DGCA एजेंसी से करार
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय ने छात्राओं को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक सिखाने के लिए ड्रोन वैन प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

वर्तमान में आपदा प्रबंधन, सुरक्षा, मैपिंग और आधुनिक कृषि के क्षेत्र में ड्रोन तकनीक अनिवार्य हो चुकी है।
HighLights
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय ने ड्रोन वैन प्राइवेट लिमिटेड से समझौता किया।
कोर्स से ड्रोन पायलट जैसे नए करियर विकल्प खुलेंगे छात्राओं के लिए।
अगले माह ड्रोन तकनीक पर विशेष कार्यशाला आयोजित होगी विश्वविद्यालय में।
जासं, जमशेदपुर। जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय (JWU) की छात्राएं अब अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक सीखकर तकनीकी व रोजगार के क्षेत्र में नई उड़ान भरेंगी।
छात्राओं को इस उभरते क्षेत्र में दक्ष बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने केंद्रीय आईटी मंत्रालय से संबद्ध एवं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एजेंसी ड्रोन वैन प्राइवेट लिमिटेड के साथ MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।
रोजगार के खुलेंगे नए अवसर
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार ने बताया कि यह रोजगारोन्मुखी कोर्स सभी संकायों की छात्राओं के लिए उपलब्ध होगा।
इससे छात्राएं ड्रोन इंजीनियर, ड्रोन पायलट, इंस्ट्रक्टर और एरियल डेटा एनालिस्ट जैसे आधुनिक पदों पर अपना उज्ज्वल भविष्य संवार सकेंगी।
कार्यक्रम के दौरान DGCA प्रमाणित प्रशिक्षक कुलेश्वर ने नैनो, स्मॉल, मीडियम और लार्ज ड्रोन के तकनीकी उपयोगों की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में आपदा प्रबंधन, सुरक्षा, मैपिंग और आधुनिक कृषि के क्षेत्र में ड्रोन तकनीक अनिवार्य हो चुकी है।
केंद्र सरकार भी उन्नत कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को ड्रोन की खरीद पर 85 प्रतिशत तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है।
अगले माह आयोजित होगी विशेष कार्यशाला
छात्राओं को इस तकनीक के प्रति जागरूक करने और व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए अगले महीने विश्वविद्यालय परिसर में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
इस कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ. केया बनर्जी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर डॉ. मनीषा टाइटस, डॉ. सोनाली सिंह, पुष्पा कुमारी और डॉ. राजेंद्र जायसवाल सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ प्राध्यापक और छात्राएं उपस्थित थीं।
