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जमशेदपुर ट्रिपल मर्डर: पत्नी से निवेश विवाद के बाद हत्या का दावा, पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी

Published: Thu, 14 May 2026 09:01 PM (IST)

जमशेदपुर के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक जांच तेज कर रही है। आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह ...और पढ़ें

सिदगोड़ा थाना का फाइल फोटो।

सिदगोड़ा थाना का फाइल फोटो।

HighLights

  1. पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक जांच पर कर रही फोकस।

  2. आरोपी ने निवेश विवाद को बताया हत्या का कारण।

  3. बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्य की हो रही पड़ताल।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको स्थित चर्चित ट्रिपल मर्डर केस की जांच अब तकनीकी और वैज्ञानिक स्तर पर तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि डिजिटल सबूत, बैंक लेन-देन और फॉरेंसिक रिपोर्ट इस सनसनीखेज हत्याकांड की असली वजह सामने ला सकते हैं। 
 
मामले में गिरफ्तार आरोपित रविंद्र प्रसाद सिंह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के बाद अब जांच का फोकस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड और वैज्ञानिक परीक्षणों पर है। 
 
पुलिस गुरुवार को अदालत में आरोपित का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की अर्जी भी दाखिल कर सकती है। जांच एजेंसियां रविंद्र प्रसाद सिंह के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही हैं। Jamshedpur triple murder
 
पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और डिजिटल गतिविधियों के जरिए यह जानने की कोशिश करेगी कि घटना से पहले और बाद में आरोपित किन लोगों के संपर्क में था। हत्या में प्रयुक्त टांगी और हथौड़ा की भी वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।
 

सेवानिवृत्ति के बाद उसे 1.49 करोड़ रुपये मिले थे

पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि टाटा स्टील से सेवानिवृत्ति के बाद उसे 1.49 करोड़ रुपये मिले थे। इसी रकम के निवेश को लेकर उसकी पत्नी सरिता देवी से लगातार विवाद चल रहा था। Jamshedpur triple murder
 
आरोपित के अनुसार, वह पूरी राशि बैंक खाते में सुरक्षित रखना चाहता था, जबकि पत्नी निवेश करने का दबाव बना रही थी। उसने यह भी दावा किया कि पत्नी किसी अन्य व्यक्ति को पैसे देने की बात कर रही थी, जिससे विवाद और बढ़ गया।
 

10 मई की रात निवेश के मुद्दे पर हुआ था विवाद 

रविंद्र के मुताबिक, 10 मई की रात भी इसी मुद्दे पर दोनों के बीच बहस हुई थी। अगले दिन सुबह पत्नी ने फिर निवेश का मुद्दा उठाया, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने पत्नी सरिता देवी की हत्या कर दी। 
 
आरोपित ने यह भी स्वीकार किया कि इसके बाद उसने बिस्तर पर सो रहे बेटे रविषेक कुमार और बेटी सुप्रिया की भी हत्या कर दी। हालांकि पुलिस आरोपित के बयान को अंतिम सच मानने के बजाय हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। 
 

हत्या के पीछे सिर्फ पारिवारिक विवाद ही नहीं  

अधिकारियों को आशंका है कि हत्या के पीछे सिर्फ पारिवारिक विवाद ही नहीं, बल्कि पैसों के लेन-देन और अन्य कारण भी हो सकते हैं। पुलिस अब बैंक खातों और वित्तीय गतिविधियों की विस्तार से जांच कर रही है। Jamshedpur triple murder
 
जानकारी के अनुसार, रविंद्र प्रसाद सिंह और उसकी पत्नी के संयुक्त खाते में 39 लाख रुपये जमा थे। इनमें से 33 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं और खाते में केवल छह लाख रुपये शेष हैं। 
 
इतनी बड़ी रकम कब, किसने और किन परिस्थितियों में निकाली गई, इसकी पड़ताल की जा रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल डेटा, बैंक ट्रांजैक्शन और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट इस ट्रिपल मर्डर केस की कई अनसुलझी परतों को उजागर कर सकती हैं। फिलहाल पुलिस हर संभावित एंगल पर जांच में जुटी हुई है।

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