विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

जमशेदपुर में JNAC के खिलाफ फूटा व्यापारियों का गुस्सा, दुकानों के किराए में भारी वृद्धि पर मचा बवाल

By Nirmal prasadEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Thu, 12 Mar 2026 07:17 PM (IST)

जमशेदपुर में सैरात बाजार एसोसिएशन के व्यापारियों ने JNAC द्वारा दुकानों के मासिक किराए में भारी वृद्धि के खिलाफ विरोध ...और पढ़ें

जमशेदपुर में सैरात बाजार का कि‍राया बढ़ाए जाने पर विरोध करते शहर के व्‍यापारी।

जमशेदपुर में सैरात बाजार का कि‍राया बढ़ाए जाने पर विरोध करते शहर के व्‍यापारी।

HighLights

  1. JNAC ने दुकानों का किराया कई गुना बढ़ाया।

  2. सैरात बाजार एसोसिएशन ने JNAC कार्यालय का घेराव किया।

  3. व्यापारियों ने किराया वृद्धि तत्काल वापस लेने की मांग की।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। शहर के विभिन्न सैरात बाजारों की दुकानों के मासिक किराए में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा है। गुरुवार को सैरात बाजार एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में दुकानदारों ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) कार्यालय का घेराव किया। 
 
प्रदर्शनकारियों ने इस वृद्धि को पूरी तरह अव्यवहारिक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष हरविंदर सिंह मंटू के नेतृत्व में जेएनएसी कार्यालय पहुंचे दुकानदारों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। 
 

तीन सौ से बढ़ाकर सात हजार कर दिया किराया 

उन्होंने बताया कि शहर के 10 सैरात बाजारों में संचालित दुकानों का किराया बिना किसी पूर्व सूचना के कई गुना बढ़ा दिया गया है। जिन दुकानों का किराया पहले 300 से 500 रुपये प्रति माह था। 
 
इसे बढ़ाकर अब 3000 से 7000 रुपये तक कर दिया गया है। व्यापारियों का तर्क है कि यह वृद्धि तार्किक नहीं है और इससे छोटे दुकानदारों का रोजगार बुरी तरह प्रभावित होगा।


मुख्यमंत्री और उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग

घेराव के दौरान एसोसिएशन ने जेएनएसी के माध्यम से झारखंड के मुख्यमंत्री और जमशेदपुर उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। हरविंदर सिंह मंटू ने याद दिलाया कि दो-तीन साल पहले भी ऐसा ही निर्णय लिया गया था, जिसे कड़े विरोध और सरकार के हस्तक्षेप के बाद वापस लेना पड़ा था।

व्यापारियों की मांग 

दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन को कोई भी फैसला लेने से पहले उनके संगठन के साथ विचार-विमर्श करना चाहिए था। उन्होंने मांग की है कि यदि किराया बढ़ाना ही है, तो उसे तार्किक आधार पर तय किया जाए। 
 
ताकि दुकानदार आसानी से उसका भुगतान कर सकें। इस विरोध प्रदर्शन में शिवनंदन, संदीप बर्मन सहित सैरात बाजार के दर्जनों व्यापारी शामिल हुए।