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टॉफी समझकर निगली फिनाइल की टिकिया! सांसें थमने तक न मिली ऑक्सीजन, MGM में मासूम की मौत

Published: Tue, 08 Sep 2026 11:56 PM (IST)

चक्रधरपुर में डेढ़ साल के मासूम ने चॉकलेट समझकर फिनाइल की टिकिया निगल ली, जिससे जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

स्वजनों का कहना है कि रातभर सांस लेने में तकलीफ होने के बावजूद बच्चे को न तो ऑक्सीजन दी गई और न ही स्लाइन चढ़ाया गया।

स्वजनों का कहना है कि रातभर सांस लेने में तकलीफ होने के बावजूद बच्चे को न तो ऑक्सीजन दी गई और न ही स्लाइन चढ़ाया गया।

HighLights

  1. डेढ़ साल के बच्चे ने फिनाइल की टिकिया निगली।

  2. चाईबासा सदर अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप।

  3. जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में मासूम की दुखद मौत।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। चक्रधरपुर की एकाउंट कॉलोनी में हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां महज डेढ़ साल के मासूम बच्चे ने फिनाइल की टिकिया को चॉकलेट समझकर निगल लिया। 
 
समय पर उचित इलाज न मिल पाने के कारण अंततः जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसकी मौत हो गई। 
 

चॉकलेट समझकर खाई फिनाइल की टिकिया 

मृतक बच्चे की पहचान चक्रधरपुर निवासी सनी दीप के इकलौते पुत्र शिवम दीप के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को शिवम घर में खेल रहा था। 
 
इसी दौरान उसकी नज़र घर में रखी फिनाइल की टिकिया पर पड़ी, जिसे उसने चॉकलेट समझकर मुंह में डाल लिया। थोड़ी देर बाद जब बच्चे को उल्टी होने लगी, तब परिजनों का ध्यान इस ओर गया। 
 
स्वजनों ने तुरंत उसके मुंह से फिनाइल की टिकिया का टुकड़ा बाहर निकाला, लेकिन कुछ ही घंटों में उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
 

अस्पतालों के चक्कर काटते रहे परिजन 

बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे तत्काल चक्रधरपुर के स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से सोमवार को उसे चाईबासा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। 
 
परिजनों का आरोप है कि चाईबासा सदर अस्पताल में मासूम को रातभर भर्ती रखा गया, लेकिन उसे कोई ठोस चिकित्सा सुविधा नहीं दी गई।
 

चाईबासा सदर अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

स्वजनों का कहना है कि रातभर सांस लेने में तकलीफ होने के बावजूद बच्चे को न तो ऑक्सीजन दी गई और न ही स्लाइन चढ़ाया गया। इलाज में हुई इस भारी लापरवाही के कारण सुबह बच्चे की हालत और अधिक नाजुक हो गई। 
 

एमजीएम में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, मचा कोहराम

इसके बाद आनन-फानन में उसे जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। सोमवार सुबह जब परिजन बदहवास हालत में बच्चे को लेकर एमजीएम अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। 
 
इकलौते बेटे की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई। बच्चे के दादा का रो-रोकर बुरा हाल था।
 
वे बार-बार बच्चे को सीने से लगाकर कह रहे थे, "मेरा बाबू खेल रहा है, वह कहीं नहीं गया है।" इस मार्मिक दृश्य को देखकर वहां मौजूद अन्य मरीजों और तीमारदारों की आंखें भी नम हो गईं।


इस दुखद घटना के बाद चक्रधरपुर की एकाउंट कॉलोनी में मातम पसरा हुआ है, वहीं आक्रोशित परिजनों ने चाईबासा सदर अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।