सहारा सिटी कांड: पूर्व मंत्री के भाई गुड्डू गुप्ता और पूर्व डीएसपी समेत 21 आरोपी बरी, गवाहों के मुकरने से मिला फायदा
जमशेदपुर के बहुचर्चित सहारा सिटी नाबालिग दुष्कर्म मामले में पूर्व मंत्री के भाई गुड्डू गुप्ता समेत 21 आरोपी साक्ष्य के ...और पढ़ें

मुकदमे में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब पीड़िता, सूचक और एक मुख्य महिला गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए।
HighLights
सहारा सिटी नाबालिग दुष्कर्म मामले में 21 आरोपी बरी।
पूर्व मंत्री के भाई गुड्डू गुप्ता, पूर्व डीएसपी भी शामिल।
पीड़िता और मुख्य गवाहों के बयान पलटने से फैसला।
जासं, जमशेदपुर। मानगो के बहुचर्चित सहारा सिटी नाबालिग दुष्कर्म मामले में अदालत ने प्रदेश के पूर्व मंत्री के भाई गुड्डू गुप्ता, पटमदा के पूर्व डीएसपी अजय केरकेट्टा और एमजीएम थाना के पूर्व प्रभारी इमदाद अंसारी समेत 21 आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष पाक्सो न्यायाधीश विमलेश सहाय की अदालत ने यह फैसला सोमवार को सुनाया। इस चर्चित मुकदमे में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब पीड़िता, सूचक और एक मुख्य महिला गवाह अपने पूर्व बयानों से मुकर गए।
अभियोजन पक्ष कुल पांच गवाहों का परीक्षण करा सका, जिनमें से तीन प्रमुख गवाह अपने बयानों का समर्थन नहीं कर सके। इसके बाद अदालत ने उन्हें पक्षद्रोही (होस्टाइल) घोषित कर दिया।
अभियोजन द्वारा आगे गवाह प्रस्तुत न करने की जानकारी देने पर साक्ष्य बंद कर दिए गए थे। आठ सितंबर को अदालत में 19 आरोपितों के बयान दर्ज किए गए थे, जिसमें सभी ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया था।
इस मामले में मुख्य आरोपियों को सजा मिलने के बाद पीड़िता और उसके संरक्षक के बयानों के आधार पर 21 अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
इनमें गुड्डू गुप्ता उर्फ बृजमोहन गुप्ता, अजय केरकेट्टा, इमदाद अंसारी, सोनू नैयर, लड्डन उर्फ पाहुल, दिनेश अग्रवाल, अमित सिंह, मुन्ना धोबी, अजित मिस्त्री, उपेंद्र सिंह, मनोज सहाय, गुरप्रीत सिंह, करीम केबुलवाला, राजेश सिंह, मकसूद अंसारी, शाहिद, तशमीश अहमद, तनुश्री, अभिषेक मिश्रा और शंभू द्विवेदी शामिल थे।
इनमें आरोपी अभिषेक मिश्रा का निधन हो चुका है, जबकि 19 आरोपित अदालत में उपस्थित हुए थे। गौरतलब है कि सहारा सिटी कांड में नाबालिग के यौन उत्पीड़न, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और जबरन देह व्यापार कराने का गंभीर आरोप सामने आया था।
मानगो थाने में दर्ज इस प्राथमिकी की जांच के बाद पुलिस ने इंद्रपाल सैनी, शिव कुमार महतो और श्रीकांत महतो को गिरफ्तार किया था।
अदालत पहले ही इंद्रपाल सैनी और शिव कुमार महतो को 25-25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुना चुकी है, जो फिलहाल घाघीडीह केंद्रीय कारागार में बंद हैं, जबकि श्रीकांत महतो को जमानत मिल चुकी है।
