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भुवनेश्वर के बिल्डर की 40 लाख में लेनी थी जान, जुगसलाई में फायरिंग-डकैती की थी तैयारी; पुलिस ने दबोचे शूटर

Published: Sat, 17 Oct 2026 09:59 PM (IST)

जमशेदपुर पुलिस ने दुर्गापूजा के दौरान जुगसलाई में खूनखराबा और रंगदारी की बड़ी साजिश को नाकाम किया है। बिहार से ...और पढ़ें

कारोबारियों में दहशत फैलाने और रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करने की बड़ी आपराधिक साजिश को पुलिस ने नाकाम करने का दावा किया है।

कारोबारियों में दहशत फैलाने और रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करने की बड़ी आपराधिक साजिश को पुलिस ने नाकाम करने का दावा किया है।

HighLights

  1. जमशेदपुर पुलिस ने जुगसलाई में आपराधिक साजिश नाकाम की।

  2. बिहार से आए दो शूटरों समेत चार अपराधी गिरफ्तार हुए।

  3. भुवनेश्वर के बिल्डर की हत्या की सुपारी का भी खुलासा।

जास, जमशेदपुर। दुर्गापूजा के दौरान जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में खूनखराबा कर कारोबारियों के बीच दहशत फैलाने और रंगदारी का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की एक खतरनाक साजिश को पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया है। 
 
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के छपरा जिले से बुलाए गए दो पेशेवर शूटरों समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं।
 

खरकई रेलवे ब्रिज के पास से हुई गिरफ्तारी 

एसएसपी डॉ. ऐहतेशाम वकारिब ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 17 अक्टूबर की रात करीब डेढ़ बजे गुप्त सूचना मिली थी कि जुगसलाई के कुछ स्थानीय अपराधी बिहार से शूटर बुलाकर बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। 
 
सूचना की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी के निर्देशन और पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
 
टीम ने खरकई नदी पर बने नए रेलवे ब्रिज के पूर्वी छोर पर रेलवे ट्रैक के पास झाड़ियों में घेराबंदी कर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। 
 
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जुगसलाई गौशाला रोड छपहरिया मोहल्ला निवासी राजेश कुमार साव और मन्नू कुमार के साथ-साथ बिहार के छपरा जिले के प्रतीक कुमार और विकास कुमार सिंह उर्फ रितिक के रूप में हुई है।
 

हथियारों का जखीरा बरामद 

पुलिस ने तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एक लोडेड देसी पिस्टल, एक लोडेड सिक्सर, 30 जिंदा कारतूस, दो खोखे और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
 
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने दुर्गापूजा के दौरान जुगसलाई में हत्या, डकैती और ताबड़तोड़ फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई थी। 
 
इसका मुख्य उद्देश्य शहर के कारोबारियों के दिलों में खौफ पैदा कर उनसे रंगदारी वसूलना था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह के निशाने पर मुख्य रूप से कौन-कौन से कारोबारी थे।
 

भुवनेश्वर के बिल्डर की हत्या की सुपारी का भी खुलासा 

जांच के दौरान एक और बड़ा सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस गिरोह ने जमशेदपुर के अलावा ओडिशा के भुवनेश्वर में एक बिल्डर की 40 लाख रुपये की सुपारी लेकर हत्या करने की भी योजना बनाई थी। 
 
पुलिस अब सुपारी देने वाले मुख्य सूत्रधार, हत्या की वजह और आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और चैट्स से कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
 

आपराधिक इतिहास रहा है राजेश का 

गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता राजेश कुमार साव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ सोनारी थाने में अपहरण और कदमा थाने में डकैती का मामला दर्ज है। 
 
वह पहले भी करीब चार साल तक जेल की हवा खा चुका है। पुलिस अब यह खंगाल रही है कि इन अपराधियों को हथियार किसने सप्लाई किए थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।