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पीएंडएम मॉल प्रबंधन ने चुकाया टाटा स्टील का बकाया, लेकिन जमीन के सीमांकन और अतिक्रमण का मुद्दा अब भी बाकी

By Ch Rao Edited By: Sanjeev Kumar
Published: Thu, 22 Oct 2026 09:04 PM (IST)

पीएंडएम मॉल प्रबंधन ने टाटा स्टील को 2.23 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान कर दिया है, जिससे वित्तीय विवाद सुलझ ...और पढ़ें

बकाया भुगतान के बाद भी मॉल की जमीन के जिन हिस्सों को संयुक्त नापी में अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किया गया था, उन पर फिलहाल यथास्थिति बनी हुई है।

बकाया भुगतान के बाद भी मॉल की जमीन के जिन हिस्सों को संयुक्त नापी में अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किया गया था, उन पर फिलहाल यथास्थिति बनी हुई है।

HighLights

  1. इस भुगतान से टाटा स्टील और मॉल का वित्तीय विवाद सुलझा।

  2. जमीन के सीमांकन और अतिक्रमण के मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।

जासं, जमशेदपुर। टाटा स्टील और पीएंडएम हाइटेक सिटी सेंटर (मॉल) प्रबंधन के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे विवाद में एक अहम पड़ाव सामने आया है। 
 
वित्तीय बकाए को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच पीएंडएम प्रबंधन द्वारा टाटा स्टील को बकाया राशि का भुगतान किए जाने की जानकारी मिली है। 
 
हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन इस भुगतान से विवाद का एक बड़ा पक्ष सुलझता नजर आ रहा है।
 
सूत्रों के अनुसार, पीएंडएम प्रबंधन ने टाटा स्टील को लीज रेंट और रोड सेस के मद में कुल 2 करोड़ 23 लाख 86 हजार रुपये का भुगतान कर दिया है। 
 
गौरतलब है कि टाटा स्टील ने वित्तीय वर्ष 2008-09 से 2014-15 तक के बकाया लीज रेंट और 25 प्रतिशत रोड सेस सहित इसी राशि की मांग की थी। 
 
बकाया भुगतान न होने की स्थिति में टाटा स्टील के लैंड विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए अल्टीमेटम भी जारी किया था, जिसके बाद से मामले ने तूल पकड़ा था।
 
वित्तीय बकाए का मामला सुलझने की दिशा में आगे बढ़ने के बावजूद, जमीन के उपयोग, सीमांकन और अतिक्रमण से जुड़ा विवाद पूरी तरह थमा नहीं है। 
 
इससे पहले, जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) और टाटा स्टील के लैंड विभाग ने संयुक्त रूप से परिसर की जमीन की नापी की थी। 
 
इस संयुक्त माप के दौरान परिसर के कुछ हिस्सों को अतिक्रमण की जद में चिह्नित किया गया था, जिसके बाद से तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था।
 
वर्तमान स्थिति यह है कि बकाया भुगतान के बाद भी मॉल की जमीन के जिन हिस्सों को संयुक्त नापी में अतिक्रमण के रूप में चिह्नित किया गया था, उन पर फिलहाल यथास्थिति बनी हुई है। इससे तत्काल होने वाली कठोर कार्रवाई टल गई है।
 
पीएंडएम हाइटेक सिटी सेंटर शहर की प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों का एक बड़ा केंद्र है, इसलिए इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कारोबारी जगत के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। 
 
वित्तीय पक्ष का समाधान होने के बाद अब सभी की निगाहें जमीन के उपयोग और सीमांकन से जुड़े शेष मुद्दों पर होने वाली आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। दोनों पक्षों के बीच आगे का रुख ही इस विवाद का स्थायी समाधान तय करेगा।