पारडीह-बालीगुमा एलिवेटेड कॉरिडोर: स्लैब निर्माण ने पकड़ी रफ्तार, मार्च 2027 तक मिलेगा ट्रैफिक जाम से छुटकारा
जमशेदपुर में पारडीह-बालीगुमा चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण तेजी से जारी है, जिसका 52% काम पूरा हो चुका है। ...और पढ़ें

पारडीह कालीमंदिर से बालीगुमा तक बन रहे चार लेन एलिवेटेड कोरिडोर का निर्माण कार्य अब रफ्तार पकड़ चुका है।
HighLights
पारडीह-बालीगुमा एलिवेटेड कॉरिडोर का 52 प्रतिशत काम पूरा।
138 स्लैब तैयार, निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी।
मार्च 2027 तक जमशेदपुर को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत दिलाने के उद्देश्य से पारडीह कालीमंदिर से बालीगुमा तक बन रहे एनएच-33 (नया एनएच-18) के चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य अब तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, इस महात्वाकांक्षी परियोजना का करीब 52 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
एनएचएआई के सहायक प्रोजेक्ट डायरेक्टर चंदन कुमार ने बताया कि वर्तमान में कॉरिडोर पर स्लैब निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है और अब तक 138 स्लैब तैयार किए जा चुके हैं।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, 10.021 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को 15 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
शहरवासियों को मिलेगी जाम से राहत
यह चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर पारडीह कालीमंदिर से शुरू होकर डिमना चौक होते हुए बालीगुमा तक जाएगा। इसके पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद रांची, घाटशिला और ओडिशा की ओर आने-जाने वाले वाहनों को जमशेदपुर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इससे हादसों में कमी आएगी और यात्रियों के समय की भी बचत होगी। परियोजना में एलिवेटेड हिस्से के साथ-साथ रैंप, छोटे पुल, कलवर्ट और अन्य संरचनाएं भी शामिल हैं। विभिन्न स्थानों पर वाहनों के सुचारु चढ़ने और उतरने के लिए तीन प्रमुख रैंप बनाए जा रहे हैं।
परियोजना पर एक नज़र
- मार्ग: पारडीह कालीमंदिर - डिमना चौक - बालीगुमा
- कुल लंबाई: 10.021 किलोमीटर (4-लेन)
- परियोजना की कुल लागत: ₹936.26 करोड़
- निर्माण एजेंसी व कंपनी: एनएचएआई (NHAI) / एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग
- वर्तमान कार्य प्रगति: 52 प्रतिशत (138 स्लैब तैयार)
- लक्ष्य तिथि: 15 मार्च 2027
