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Nikhar Murder Case: 5 हजार रुपये के लिए जासूसी! कोलकाता से गिरफ्तार ट्रैफिक सार्जेंट और गार्ड भेजते थे लोकेशन

Published: Sun, 13 Sep 2026 11:49 PM (IST)

जमशेदपुर के चर्चित निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस ने कोलकाता से ट्रैफिक सार्जेंट अयान गुप्ता और गार्ड ट्विंकल दास को ...और पढ़ें

जांच में 24 जुलाई से 23 अगस्त के बीच कई बार लोकेशन ट्रेस किए जाने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।

जांच में 24 जुलाई से 23 अगस्त के बीच कई बार लोकेशन ट्रेस किए जाने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।

HighLights

  1. निखार सबलोक हत्याकांड में दो आरोपी कोलकाता से गिरफ्तार।

  2. ट्रैफिक सार्जेंट अयान गुप्ता और गार्ड ट्विंकल दास पकड़े गए।

जासं, जमशेदपुर। शहर के चर्चित व्यवसायी निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस की जांच अब मोबाइल लोकेशन और जासूसी नेटवर्क की कड़ी पर केंद्रित हो गई है। 
 
चांडिल थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कोलकाता के बेलियाघाटा में कार्यरत ट्रैफिक सार्जेंट अयान गुप्ता और गार्ड ट्वींकल दास उर्फ मीमी दास को गिरफ्तार किया है। 
 
10 सितंबर को की गई इस गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
 

लोकेशन के बदले मिलते थे 5 से 7 हजार रुपये 

पुलिस अनुसंधान में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी अयान और ट्वींकल मुख्य साजिशकर्ता सोनारी खूंटाडीह निवासी अशोक सिंह राघव को लक्षित व्यक्तियों की मोबाइल लोकेशन उपलब्ध कराते थे। 
 
इनके निशाने पर निखार सबलोक के अलावा मानगो निवासी गणेश सिंह और बागबेड़ा के मोनू सिंह भी थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक लोकेशन ट्रेस करने और शेयर करने के बदले दोनों को 5,000 से 7,000 रुपये का भुगतान किया जाता था।
 

हत्या से एक महीने पहले से रखी जा रही थी नजर 

जांच में 24 जुलाई से 23 अगस्त के बीच कई बार लोकेशन ट्रेस किए जाने के पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। इससे साफ है कि निखार की हर गतिविधि पर हत्या से काफी पहले से नजर रखी जा रही थी।

24 अगस्त को जिस दिन वारदात हुई, उस दिन दोपहर में निखार के मोबाइल की लोकेशन चार बार ट्रेस की गई थी।

सटीक लोकेशन मिलते ही शूटर चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित 'टेंथ माइल स्टोन' होटल के पास पहुंचा और निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या कर दी।

डिजिटल साक्ष्य और CDR खंगालने में जुटी पुलिस 

पुलिस ने आरोपियों के पास से जब्त मोबाइलों का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और डिजिटल डेटा खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि लोकेशन किसके कहने पर किसे भेजी जा रही थी।

गौरतलब है कि इस हत्याकांड में अशोक सिंह राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, राजकुमार सिंह उर्फ प्रिंस, अंकित सिंह और अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस अब मुख्य शूटर सागर सिंह की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।