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साकची से खरीदी कार, व्हाट्सएप पर भेजी तस्वीर: जानिए कैसे मास्टरमाइंड से शूटरों तक पहुंची पुलिस

Published: Thu, 10 Sep 2026 09:56 PM (IST)

जमशेदपुर में कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है। ...और पढ़ें

पुलिस के हाथ लगे डिजिटल सुरागों ने एक-एक कर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

पुलिस के हाथ लगे डिजिटल सुरागों ने एक-एक कर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

HighLights

  1. सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन और व्हाट्सएप चैट से जुड़े अपराधी।

  2. मास्टरमाइंड अशोक सिंह राघव और फरार शूटर सागर की तलाश।

जासं, जमशेदपुर। कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के बाद अपराधियों को लगा था कि गोली की आवाज थमते ही राज भी दफन हो जाएगा, लेकिन पुलिस के हाथ लगे डिजिटल सुरागों ने एक-एक कर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। 
 
सीसीटीवी से संदिग्धों की पहचान हुई, मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल से नेटवर्क उजागर हुआ और व्हाट्सएप चैट से शूटरों तक निखार की तस्वीर भेजने का राज खुल गया।
 
अब मास्टरमाइंड अशोक सिंह राघव से लेकर मुख्य शूटरों तक पुलिस की कड़ियां जुड़ चुकी हैं, जबकि फरार शूटर सागर सिंह की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
 

डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों से ऐसे खुलीं साजिश की कड़ियां

  •     पहला सुराग (CCTV से संदिग्धों की पहचान): वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के कैमरों को खंगाला। हत्या से पहले और बाद में संदिग्धों की आवाजाही को चिह्नित कर आगे की तकनीकी जांच का आधार बनाया गया।
  •     दूसरी कड़ी (व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल): मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि व्हाट्सएप के जरिए निखार सबलोक की तस्वीर शूटरों तक भेजी गई थी। इसी डिजिटल साक्ष्य ने मुख्य साजिशकर्ताओं का सुराग दिया।
  •     तीसरी कड़ी (रेकी और दिनचर्या की लीक): जांच में यह स्पष्ट हुआ कि निखार की गतिविधियों और समय पर नजर रखने के लिए बाकायदा रेकी की गई थी, जिसे डिजिटल चैट के माध्यम से शूटरों के साथ साझा किया गया।
  •     चौथी कड़ी (साकची से खरीदी गई कार): वारदात में इस्तेमाल कार साकची से खरीदी गई थी। पुलिस ने कार की खरीद में शामिल लोगों, भुगतान करने वाले और वाहन के इस्तेमाल से जुड़े अहम सबूत जुटाए।
  •     पांचवीं कड़ी (हथियार और खोखों का मिलान): पुलिस ने अब तक दो अवैध हथियार बरामद किए हैं। घटनास्थल से मिले कारतूसों के खोखों और हथियारों का बैलिस्टिक मिलान कर पुख्ता साक्ष्य तैयार किए जा रहे हैं।
  •     छठी कड़ी (फरारी का रूट मैप): सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन को जोड़कर हत्या के बाद अपराधियों के भागने के रास्ते और उनके मददगारों का पता लगाया गया।


मास्टरमाइंड से लेकर शूटरों तक पर शिकंजा

मामले में पुलिस अब तक गिरफ्तार तीन आरोपियों से रिमांड पर पूछताछ कर चुकी है। अब मास्टरमाइंड अशोक सिंह राघव को भी रिमांड पर लेने की तैयारी है, जिससे टारगेट तय करने, पैसों के लेन-देन और पूरी योजना के सूत्रधारों के नाम सामने आने की उम्मीद है।
 

फरार शूटर सागर सिंह की तलाश तेज

धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड का आरोपी रहा शूटर सागर सिंह फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस का मानना है कि सागर की गिरफ्तारी से साजिश के बचे हुए बड़े राज उजागर होंगे।
 

गैंगवार और पुरानी रंजिश के एंगल पर भी जांच

पुलिस की शुरुआती जांच में गणेश सिंह और अखिलेश सिंह गिरोह के बीच जारी गैंगवार का एंगल सामने आया है। इसके साथ ही देहरादून में मारे गए विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने की आशंका को भी ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।