जमशेदपुर : टाटा मोटर्स अस्पताल जमशेदपुर की अकादमिक शाखा टाटा मोटर्स मेडिकल सोसाइटी का 46वां वार्षिक सम्मेलन का शुभारंभ शनिवार को टेल्को क्लब में किया गया, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर कंपनी के प्लांट हेड विशाल बादशाह उपस्थित हुए। इसका समापन रविवार को हुआ।

इस साल सम्मेलन का थीम न्यू माइलस्टोन इन पेशेंट केयर है। प्लांट हेड विशाल बादशाह ने सोसाइटी के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कोविड काल में काफी सराहनीय काम हुआ है। यहां की टीम अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रास्ट्रक्चर के साथ बेहतर काम कर रही है। इस वार्षिक चिकित्सा सम्मेलन में विज्ञान के विभिन्न संकायों के बीच ज्ञान साझा करने के लिए एक मंच प्रदान किया गया। रोगी देखभाल में नए मील के पत्थर विषय पर वक्ताओं ने अपनी बखूबी व्याख्यान दिया। स्वागत संबोधन में टाटा मोटर्स मेडिकल सर्विसेज प्रमुख डा. संजय कुमार ने कहा कि सोसाइटी का उद्देश्य न केवल हमारे डाक्टरों द्वारा बल्कि अतिथि वक्ताओं के रूप में विभिन्न विशिष्टताओं के प्रख्यात डाक्टरों द्वारा क्लिनिकल मीटिंग, सेमिनार, वेबिनार, कार्यशालाओं, पैनल चर्चाओं और व्याख्यानों जैसे निरंतर शैक्षणिक अभ्यासों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली चल रही चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना है।।

टाटा मोटर्स अस्पताल ने कोविड-19 महामारी के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और क्षेत्र के अन्य हिस्सों की तुलना में कम से कम हताहतों की संख्या सुनिश्चित करते हुए जिला प्रशासन को चौबीसों घंटे मदद की। हमारे समाज ने स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए कई कोविड से संबंधित वेबिनार और प्रशिक्षण आयोजित किए। वहीं डा एसएल श्रीवास्तव ने बाहर से आए चिकित्सको के विषय में विस्तार से जानकारी दी। सम्मेलन का संचालन डा. नीलम सिन्हा व स्वागत भाषण डा. राजन वर्मा ने दी।

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20 प्रतिशत डायबिटीज पेशेंट को होता है हार्टअटैक

सम्मेलन में उपस्थित बीएम बिड़ला अस्पताल कोलकाता के चिकित्सक डा अनिल मिश्रा ने कहा कि करीब 20 प्रतिशत डायबिटीज पेशेंट को हार्टअटैक आता है। इसके लिए खानपान पर ध्यान देना आवश्यक है। हेल्थी हार्ट विषय पर व्याख्यान देते हुए हुए डा अनिल मिश्रा ने कहा कि खासकर अब सभी लोगों को खानपान पर ध्यान देना होगा। तेलीय पदार्थों से परहेज करते हुए पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। हेल्दी डाइट, व्यायाम, खानपान पर ध्यान देना, प्रेशर कंट्रोल करना व स्मोकिंग पर नियंत्रित कर हृदयाघात से बचा जा सकता है।

Edited By: Sanam Singh