अमित तिवारी, जमशेदपुर : बरसात आते ही सर्पदंश के मामले बढ़ गए हैं। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कालेज अस्पताल में रोजाना दो से तीन व्यक्ति सांप की चपेट में आकर पहुंच रहे हैं। सोमवार को चाईबासा के गोइलकेरा से एक बेहोशी अवस्था में मरीज पहुंचा। मरीज का नाम आनंद बानरा है। उसकी उम्र 15 साल है। दरअसल, रविवार की रात आनंद अपने घर में जमीन पर सोए थे। उसी दौरान एक सांप ने काट भाग लिया। सुबह में दर्द तेज होने लगी। इसके बाद उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां से एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां आते-आते युवक की स्थिति काफी गंभीर हो गई। इसे देखते हुए चिकित्सकों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।

इसके बाद स्वजन टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) लेकर चले गए। अब युवक जिंदगी व मौत से जूझ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि सांप काटने पर देर नहीं करें। तत्काल अस्पताल पहुंचकर इलाज शुरू कराने चाहिए। एमजीएम का आंकड़ा देखा जाए तो 27 दिन में 96 लोग शिकार हुए हैं।

हर साल जून से अक्टूबर तक बढ़ जाते मरीज

एमजीएम के आंकड़ों पर गौर करें तो जून से अक्टूबर माह तक सर्पदंश के मामले बढ़ जाते हैं। अभी रोजाना दो से तीन मरीज पहुंच रहे हैं। जबकि सामान्य दिनों का आंकड़ा देखा जाए तो महीनेभर में दो से तीन ही मरीज पहुंचते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दिनों में बिल में पानी चले जाने के कारण और गर्मी के कारण सांप बाहर निकल आते हैं। वे इधर से उधर भटकने लगते हैं और उसके शिकार लोग हो जाते हैं।

स्नेक जोन है टेल्को इलाका

ग्रामीण क्षेत्रों से सबसे अधिक सांप काटने के मामले आते हैं। वहीं, शहरी क्षेत्र की बात करें तो टेल्को क्षेत्र स्नेक जोन घोषित है। टेल्को के प्लाजा व रिवर व्यू इलाके में जहरीले सांप निकलते हैं।

सांप की 236 प्रजातियां देश में पाई जाती है

देश में सांप की 236 प्रजातियां पाई जाती है। इसमें चार बेहद जहरीले होते हैं। कोबरा (नाग), रस्सेल वाइपर, स्केल्ड वाइपर और करैत शामिल हैं। सांप काटने से भारत में सबसे अधिक मौत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में हर साल 83,000 लोग सर्पदंश के शिकार होते हैं। वहीं, 11,000 की मौक हो जाती है।

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सांप डंसने पर बरते सावधानियां

- जख्म को साबुन व पानी से धोएं।

- सांप काटने के बाद उस स्थान का रंग बदले तो समझे सांप जहरीला है।

- सांप के जहर का प्रभाव 15 मिनट से 12 घंटे के बीच शुरू होता है।

- सांप के काटने के स्थान पर बर्फ न लगाएं।

- मरीज का तापमान, नब्ज, सांस की गति और रक्तचाप का ध्यान रखें।

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जहरीले सांप काटने पर शरीर में दिखने वाले लक्षण

- दर्द और सूजन।

- ऐंठन, मतली, उल्टी।

- अकड़न या कपकपी।

- एलर्जी. पलकों का गिरना।

- घाव के चारों ओर सूजन। पेट दर्द, सिर दर्द सहित अन्य।

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जून में सांप काटने के शिकार हुए लोग

तिथि : संख्या

27 जून : 02

26 जून : 03

25 जून : 01

24 जून : 04

23 जून : 03

22 जून : 03

21 जून : 00

20 जून : 03

19 जून : 02

18 जून : 01

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10 दिन : 22

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बरसात के दिनों में सांप काटने के मामले बढ़ जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक केस आते हैं। ऐसे में लोगों को सावधान होने की जरूरत है। सांप काटे तो सीधे चिकित्सक के पास पहुंचना चाहिए।

- डा. नकुल प्रसाद चौधरी, उपाधीक्षक, एमजीएम।

Edited By: Sanam Singh