जमशेदपुर : टाटा कमिंस (टीसी) कर्मचारी यूनियन में लंबित ग्रेड रिवीजन के लिए 75 बिंदुओं पर चार्टर्ड आफ डिमांड को अंतिम रूप दिया जा रहा है। संभवत: आठ जुलाई तक यूनियन नेतृत्व कंपनी प्रबंधन को चार्टर्ड आफ डिमांड सौंप देगी।

टाटा कमिंस में लगभग 800 कर्मचारी कार्यरत हैं जिनका ग्रेड रिवीजन समझौता एक अप्रैल 2021 से लंबित है। चुनाव बाद यूनियन की नई कार्यकारिणी ने प्राथमिकता के तहत चार्टर्ड आफ डिमांड तैयार करने की पहल की। चार से 14 जून के बीच विभागवार कर्मचारियों से लिखित व मौखिक सुझाव लिए गए। इनमें से अधिकतर कर्मचारियों ने तीन वर्ष का ग्रेड रिवीजन समझौता, वेतन में एकमुश्त बढ़ोतरी, कंपनी में कर्मचारी पुत्रों का नियोजन का रास्ता खोलने, कर्मचारियों के लिए मल्टी स्पेशलिस्ट हास्पिटल में कैशलेस इलाज की सुविधा, शिक्षा ऋण में कर्मचारियों को रियायत सहित कुल 75 बिंदुओं पर चार्टर्ड आफ डिमांड तैयार किया गया है। यूनियन सूत्रों की माने तो सभी सुझावों को विषयवार करते हुए सूचीबद्ध किया जा रहा है। जिसे आठ जुलाई तक कंपनी प्रबंधन को सौंपा जाएगा। कंपनी प्रबंधन द्वारा सभी विषयों पर अध्ययन के बाद दोनों पक्षों के बीच वार्ता शुरू होगी।

टाटा मोटर्स के तर्ज पर हो सकता है समझौता

टाटा कमिंस कंपनी में पिछली बार भी जो ग्रेड रिवीजन समझौता हुआ था, उसमें कर्मचारियों के वेतन में एकमुश्त के बजाए किस्तों में बढ़ोतरी हुई थी। यहीं व्यवस्था इस बार टाटा मोटर्स में भी प्रभावी हुआ। कर्मचारियों के लिए चार साल का ग्रेड रिवीजन समझौता हुआ है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि टाटा कमिंस में भी इसी पैटर्न के तहत समझौता हो सकता है। हालांकि यूनियन नेतृत्व का कहना है कि अभी इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

Edited By: Sanam Singh