पोटका, जासं। कोवाली थाना क्षेत्र के हल्दीपोखर रेलवे में कार्यरत लोडर ड्राइवर अंजन प्रधान की तड़के सुबह के 5:00 बजे रेल इंजन की चपेट में आने से दोनों पैर कट जाने के बाद स्थानीय लोगों द्वारा कोवाली थाना को इस संबंध में घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से एमजीएम ले जाया जा रहा था, लेकिन इस बीच अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में अंजन प्रधान ने दम तोड़ दिया।

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि रुंगटा माइन्स के का कार्य हल्दीपोखर यार्ड में चल रहा हैं। जिसमें लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य विशाल रेड्डी द्वारा देखभाल किया जा रहा था। इस बीच राजनगर थाना क्षेत्र के बोतर बेड़ा के रहने वाले अंजन प्रधान को लोडर ड्राइवर के रूप में टेस्टिंग के लिए रखा गया था। दिन भर काम करने के बाद थका हारा अंजन प्रधान रेलवे लाइन के किनारे सीमेंट की ढलाई से बना पायदान में सो गया था। ठीक सुबह के 5:00 बजे ओडिशा के बादाम पहाड़ से रेल इंजन टाटानगर स्टेशन की ओर लौट रही थी। हल्दीपोखर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद इंजन ड्राइवर द्वारा तेज गति से हार्न बजाने पर अचानक अंजन प्रधान उठ खड़ा हुआ, जिसके बाद उनका दोनों पैर रेल की पटरी पर आ जाने से दोनों पैर कट गए और सर पर गंभीर चोटें आई, जिसके बाद कोवाली थाना की मदद से एंबुलेंस द्वारा एमजीएम भेज दिया गया। अस्पताल जाने के क्रम में रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

इस रेलवे यार्ड में रुंगटा माइन्स का लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य चलता है। इसमें विशाल रेड्डी द्वारा ठेकेदारी के अंदर में ड्राइवर एवं मजदूरों को कार्य कराया जाता है। महीनों से हल्दीपोखर यार्ड में लोडिंग-अनलोडिंग का कार्य किया जाता है। वहीं रुंगटा माइन्स या ठेकेदार विशाल रेड्डी द्वारा किसी तरह का विश्राम स्थल या शयन कक्ष की व्यवस्था नहीं किए जाने से वहां कार्यरत ड्राइवर खलासी सारे खुले आसमान के नीचे रेलवे लाइन किनारे जहां तहां पर सोया करते हैं, जिसके कारण ये घटना घटित हुई है।

Edited By: Madhukar Kumar