औद्योगिक शहर जमशेदपुर के मजदूरों को तोहफा: जानिए अकुशल से लेकर अति-कुशल श्रेणी का नया दैनिक वेतन
झारखंड सरकार ने श्रमिकों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) में 11.65% की वृद्धि की घोषणा की है, जिससे न्यूनतम ...और पढ़ें

HighLights
VDA में 11.65% की वृद्धि, न्यूनतम मजदूरी बढ़ी।
नई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी, श्रमिकों को लाभ।
जमशेदपुर 'ए' श्रेणी में, अकुशल को ₹523 दैनिक।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। औद्योगिक शहर जमशेदपुर और इसके आसपास के क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए एक अच्छी खबर है।
राज्य सरकार ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (वीडीए) में 11.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे न्यूनतम मजदूरी में सीधी वृद्धि हो गई है।
श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मजदूरी की ये बढ़ी हुई दरें इसी वर्ष 1 अक्टूबर से प्रभावी होंगी।
सरकार ने भौगोलिक और प्रशासनिक क्षेत्रों के आधार पर राज्य को तीन श्रेणियों (A, B और C) में बांटा है। जमशेदपुर क्षेत्र का व्यावसायिक और औद्योगिक महत्व देखते हुए इसे शीर्ष यानी 'ए श्रेणी' में रखा गया है।
जमशेदपुर और आसपास के ए-श्रेणी क्षेत्र
इस श्रेणी के अंतर्गत जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र और आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा राज्य के अन्य प्रमुख नगर निगम जैसे रांची, धनबाद, देवघर, हजारीबाग और चास भी इसी श्रेणी में आते हैं।
जमशेदपुर (A-श्रेणी) में दैनिक मजदूरी की नई दरें (VDA सहित)
- अकुशल श्रमिक (Unskilled): ₹523 प्रतिदिन
- अर्द्धकुशल श्रमिक (Semi-Skilled): ₹548 प्रतिदिन
- कुशल श्रमिक (Skilled): ₹722 प्रतिदिन
- अति कुशल श्रमिक (Highly Skilled): ₹833 प्रतिदिन
इसी प्रकार इन सभी श्रेणियों के लिए मासिक न्यूनतम मजदूरी की दरें भी तय की गई हैं, जिससे संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के हजारों कर्मचारियों और मजदूरों को महंगाई के दौर में राहत मिलेगी।
अन्य श्रेणियों की स्थिति
बी श्रेणी (A-श्रेणी को छोड़कर अन्य निकाय क्षेत्र): अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अति-कुशल श्रमिकों का दैनिक वेतन क्रमशः ₹498, ₹523, ₹689 और ₹795 तय किया गया है।
सी श्रेणी (निकाय क्षेत्रों से बाहर के ग्रामीण/अन्य क्षेत्र): इन क्षेत्रों में दैनिक मजदूरी क्रमशः ₹475, ₹498, ₹657 और ₹757 होगी।
श्रम विभाग के इस फैसले से जमशेदपुर, आदित्यपुर और मानगो के औद्योगिक-व्यावसायिक संस्थानों में कार्यरत लाखों श्रमिकों के जीवनस्तर में सुधार होगा।
