जमशेदपुर में एमजीएम अस्पताल की ओपीडी में दो दिनों में पहुंचे 2800 से अधिक मरीज, बच्चे हो रहे सबसे ज्यादा बीमार
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल की ओपीडी में बदलते मौसम के कारण मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, पिछले दो दिनों में 2876 मरीज इलाज के लिए पहुंचे।

सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं से बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, चिकित्सकों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।
HighLights
एमजीएम ओपीडी में दो दिन में 2876 मरीज पहुंचे।
बदलते मौसम से सर्दी, खांसी, बुखार के मामले बढ़े।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। मौसम में हो रहे बदलाव और सुबह-शाम की हल्की ठंड की दस्तक के साथ ही लोगों की सेहत पर इसका प्रतिकूल असर दिखने लगा है।
शहर में इन दिनों सर्दी, खांसी, बुखार और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसका सीधा असर महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में देखने को मिल रहा है।
जहां पिछले दो दिनों के दौरान कुल 2876 मरीजों ने अपना इलाज कराया है। अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर महीने में अब तक ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ दर्ज की गई है।
गुरुवार को 1450 मरीजों ने इलाज कराया, जबकि शुक्रवार को भी 1426 मरीज अस्पताल पहुंचे। लगातार दो दिनों तक मरीजों की संख्या 1400 के पार रहने से ओपीडी सेवाओं पर काफी दबाव बढ़ गया है।
इससे पहले के दिनों में मरीजों की संख्या कम थी, लेकिन अचानक मौसम बदलने के साथ ही अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों की बाढ़ आ गई है।
बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव और सुबह-शाम की ठंड के कारण वायरल संक्रमण, सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायतें आम हो गई हैं।
एमजीएम अस्पताल के मेडिसिन और शिशु रोग विभाग में ऐसे लक्षणों वाले मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
चिकित्सकों ने लोगों को कड़ी सलाह दी है कि वे मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से दवा खरीदकर न खाएं।
बुखार या सर्दी-खांसी जैसे एक जैसे लक्षण अलग-अलग बीमारियों के भी हो सकते हैं, इसलिए बीमारी की सही पहचान और चिकित्सीय जांच बेहद जरूरी है।
शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. केके चौधरी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को ठंड से बचाएं। बच्चों में तेज बुखार, लगातार उल्टी, असामान्य सुस्ती या सांस लेने में थोड़ी भी परेशानी दिखने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं। मौसम के इस दौर में खानपान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखकर ही बीमारियों से बचा जा सकता है।
