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जमशेदपुर में कमर्शियल एलपीजी की कालाबाजारी चरम पर, 1600 का सिलेंडर 4600 में

Published: Sun, 15 Mar 2026 09:06 PM (IST)

जमशेदपुर में खाड़ी संकट के कारण कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति रुकने से कालाबाजारी बढ़ गई है। 1600 रुपये का सिलेंडर ...और पढ़ें

फाइल फोटो।

फाइल फोटो।

HighLights

  1. कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति ठप, कालाबाजारी बढ़ी।

  2. घरेलू गैस से व्यावसायिक सिलेंडर भरने की आशंका।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। खाड़ी संकट के कारण कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति ठप होते ही शहर में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी चरम पर पहुंच गई है। जिस 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलिंडर की सामान्य कीमत 1600 थी, उसे अब 4600 तक में बेचा जा रहा है। 
 
आपूर्ति बंद होने का फायदा उठाकर बिचौलिए होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। जमशेदपुर के बड़े होटलों को प्रतिदिन 5 से 6 सिलिंडरों की आवश्यकता होती है। 
 

लकड़ी या कोयले के चूल्हे जलाना संभव नहीं 

शहर में सुरक्षा और प्रदूषण नियमों के कारण लकड़ी या कोयले के चूल्हे जलाना संभव नहीं है, और इंडक्शन चूल्हों पर सभी व्यंजन तैयार नहीं किए जा सकते। ऐसे में प्रतिष्ठान चालू रखने के लिए संचालक ऊंचे दाम देने को मजबूर हैं। 

होटल संचालकों का आरोप है कि कालाबाजारी करने वाले न केवल मनमानी कीमत वसूल रहे हैं, बल्कि थोक में खरीदारी का दबाव भी बना रहे हैं। यदि कोई संचालक 10 सिलिंडर मांगता है, तो उसे एक साथ 40 सिलिंडर खरीदने को कहा जाता है ताकि मोटा मुनाफा कमाया जा सके।

 

बड़ा सवाल: कहां से आ रही है गैस? 

जब केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पर रोक लगा दी है, तो कालाबाजारियों के पास स्टॉक कहां से आ रहा है? यह आशंका जताई जा रही है कि घरेलू एलपीजी सिलिंडरों (14.2 kg) से गैस निकालकर कमर्शियल सिलिंडरों में भरी जा रही है।

देर रात होटलों में इन सिलिंडरों की गुपचुप सप्लाई की जा रही है, जो एक गंभीर जांच का विषय है। केंद्र की ओर से कालाबाजारी पर रोक लगाने का दावा थोथा साबित हो रहा है।