जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर अतिरिक्त सतर्कता के बावजूद इस बात की गुंजाइश तो रह ही जाती है कि क्वारंटाइन किए गए संदिग्ध लोग कहीं इधर-उधर निकल तो नहीं रहे। चौबीसों घंटे उनकी गतिविधियों पर नजर रखना भी कठिन है।

इस कठिनाई को समझते हुए एक ऐसा मोबाइल अप्लीकेशन एप विकसित किया गया है जिसके माध्यम से क्वारंटाइन किए गए व्यक्ति की मूवमेंट की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इस एप का नाम सुरक्षा जमशेदुपर है और इसे पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के सहयोग से तैयार किया है राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआइटी जमशेदपुर के अंतिम वर्ष के छह छात्रों ने।

इस तरह तैयार हुआ सुरक्षा जमशेदपुर एप

लॉकडाउन शुरू होते समय एनआइटी के इन छह छात्रों ने सोचा कि ऐसा क्या किया जाए ताकि क्वारंटाइन में लोग सुरक्षित रहें। इन छात्रों ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को इसको लेकर इमेल किया। अगले 20 मिनट में ही सकारात्मक जवाब दिया। इसके बाद शुरू हुई एप बनाने की तैयारी। एनआइटी के निदेशक डॉ. करुणेश कुमार शुक्ला व अन्य विभागों के डीन, प्रोफेसर की मदद से सात दिनों के अंदर इस कारगर एप को तैयार कर लिया गया।  

क्या है इस एप की खासियत

इस एप में होम क्वारंटाइन ट्रैकिंग फैसिलिटी है जिसके तहत क्वारंटाइन किए गए व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। इसके तहत क्वारंटाइन किए गए व्यक्ति को हर दो घंटे पर अपनी सेल्फी लेकर इस एप में अपलोड करनी होगी। ऐसा नहीं होने या विलंब होने पर जिला प्रशासन की ओर से संबंधित व्यक्ति से फोन पर संपर्क किया जाएगा। 

इसके अलावा अत्यावश्यक सेवाओं के लिए इस एप के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पास निर्गत किया जा सकेगा। आवश्यक वस्तुओं, दवाओं आदि की आपूर्ति के लिए भी इस एप की मदद ली जा सकेगी। 

इन छात्रों की टीम ने तैयार किया एप

अनिरुद्ध दीप, कुमार नमन, सनय देव, सूरज कुमार, सूरज सुरेश, वैभव श्रीनाथ देव।

 

Posted By: Vikas Srivastava

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