Gandhi Jayanti: तार-तार बापू का संसार; जमशेदपुर खादी भंडार का एसी ठप, घर से कूलर लाकर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी
जमशेदपुर का खादी भंडार गांधी जयंती से पहले प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली का शिकार है, जहां कर्मचारियों को चार महीने ...और पढ़ें

बिष्टुपुर खादी ग्रामोद्योयोग भंडार में आठ कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें विगत चार महीनों से एक पैसे का मानदेय नहीं मिला है।
HighLights
जमशेदपुर खादी भंडार गांधी जयंती से पहले प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार।
कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं, एसी खराब, घर से कूलर।
झारखंड के 85 से अधिक खादी बोर्ड कर्मचारी भी इसी संकट में।
भव्य जीर्णोद्धार से बदहाली के दलदल तक
4 महीने से मानदेय बंद, घर से कूलर ला रहे कर्मचारी
सीईओ का पद पांच माह से रिक्त होने के कारण पूरी व्यवस्था ध्वस्त है और वेतन भुगतान रुका है। निदेशक ने छूट की मौखिक सहमति दे दी है। दो अक्टूबर से सभी वस्त्रों पर छूट मिलेगी, जिसकी अधिसूचना गुरुवार को जारी होगी।
दीनदयाल शर्मा, प्रबंधक, खादी भंडार बिष्टुपुर
चार महीने से वेतन नहीं मिला। दुर्गापूजा सिर पर है, दुकानदार उधारी राशन देने से मना कर रहे हैं। बिना पंखे-एसी की घुटन में काम कर रहे हैं, पर बोर्ड हमारी सुध नहीं ले रहा।
अनिता हांसदा, कर्मी
शोरूम का एसी चार साल से बंद है। भीषण गर्मी देख ग्राहक बिना खरीदारी किए उल्टे पांव लौट जाते हैं। मजबूरी में घर से कूलर लाए हैं। बिना मानदेय अब परिवार भुखमरी के कगार पर है।
सुमन पिंगुआ, कर्मी
गांधी जयंती हमारी बिक्री का सबसे बड़ा पर्व होती थी, लेकिन आज शो-रूम में नया माल तक नहीं है। चार माह से खाली पेट रखकर हम बापू के खादी का प्रचार कैसे करें?
सुभाष प्रसाद, कर्मी
