जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में उद्योग विभाग पर शनि महाराज की साढ़े साती चल रही है। पांच दिसंबर 2021 को उद्योग विभाग के सचिव सांवरमल शर्मा के कामसा स्टील कंपनी के जुगसलाई स्थित कार्यालय में डकैती हुई थी। यह मामला अब तक सुलझा भी नहीं है और लूटी गई रकम की रिकवरी भी नहीं हुई कि मंगलवार, 25 जनवरी की सुबह दो से तीन बजे के बीच उद्योग विभाग के उपाध्यक्ष महेश सोंथालिया के चाकुलिया-धालभूमगढ़ रोड पर सतकुटिया स्थित हिमाद्री स्टील में डकैती हो गई। जो वर्ष 2019 से बंद पड़ी है।

30 से 35 की संख्या में आए थे डकैत

कंपनी के मालिक महेश सोंथालिया ने दैनिक जागरण से बात करते हुए बताया कि कंपनी में नाइट ड्यूटी में तीन गार्ड कार्यरत हैं। गार्ड और उनके स्वजनों ने बताया कि डकैत 30 से 35 की संख्या में कंपनी की चारदीवारी में सीढ़ी चढ़कर प्रवेश किया। डकैत चारों तरफ से एक साथ पहुंचे तो गार्ड को भी संभलने का मौका नहीं मिला। डकैतों ने सभी गार्ड को पहले बंधक बनाया, फिर उनका मोबाइल छिन कर उन्हें कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद लूट की घटना को अंजाम दिया।

फर्नेस के जानकार लोगों ने ही लूट की घटना को दिया अंजाम

महेश सोंथालिया ने दावा किया कि डकैतों ने कंपनी से लगभग चार टन कॉपर साथ ले गए। जिसकी बाजार में कीमत लगभग 28 लाख रुपये है। उन्होंने बताया कि जो भी डकैती में शामिल थे उन्हें फर्नेस में कॉपर का कहां-कहां इस्तेमाल होता है, इसकी पूरी जानकारी है। गार्ड को बंधक बनाकर सभी ने आराम से फर्नेस के अंदर घुसकर नट-बोल्ट खोलकर फर्नेस में लगे कॉपर के उपकरण को खोला।

इसके साथ बिजली सप्लाई में लगे कॉपर के उपकरणों को भी खोलकर ले गए। जबकि डकैतों ने स्टील के उपकरण को छुआ भी नहीं। महेश का कहना है कि तीन से चार टन वजनी सामान को डकैत पीठ पर लाद कर नहीं ले जा सकते हैं। संभवत: उन्होंने बड़े ट्रक का इस्तेमाल डकैती में इस्तेमाल किया है जिसे घटना को अंजाम देने से पहले गांव के आसपास ही छुपा कर रखा गया हो।

एसएसपी और ग्रामीण एसपी से मिला चैंबर

घटना के बाद सिंहभूम चैंबर के पूर्व अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया, अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, उपाध्यक्ष मुकेश मित्तल सहित कई पदाधिकारी जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक तमिल वाणन सहित ग्रामीण एसपी मीणा से उनके कार्यालय में मुलाकात की और घटना को अंजाम देने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

खराब लॉ एंड आर्डर के कारण खराब हो रही है छवि : सुरेश

घटना के संबंध में सुरेश सोंथालिया का कहना है कि इस तरह की घटना और खराब लॉ एंड आर्डर से झारखंड की छवि खराब हो रही है। एक तरफ सरकार उद्योगों की स्थापना कर रही और दूसरी ओर इस तरह की घटना हो, ऐसे माहौल में कंपनियां कैसे फल-फूल सकेगी।

जमशेदपुर जैसी औद्योगिक नगरी में जब इस तरह की घटना हो तो झारखंड सहित पूरे देश में इसका खराब संदेश जाता है। पहले टाटा स्टील जैसी बड़ी कंपनी का घेराव और उसके बाद इस तरह की घटना होना, औद्योगिक वातावरण के लिए अच्छा नहीं है। सरकार को औद्योगिक शांति स्थापित करने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।

अपराधियों का मनोबल तोड़ना जरूरी : महेश

कंपनी के मालिक सह चैंबर उपाध्यक्ष महेश सोंथालिया का कहना है कि इस तरह की घटना दर्शाता है कि अपराधियों का मनोबल कितना बढ़ गया है। बिजली की बढ़ती कीमतों के कारण उद्योग बंद हो गए हैं। यदि उद्योग चलते रहते तो ऐसी घटना नहीं होती। चाकुलिया क्षेत्र में आठ से दस कंपनियां है जो बंद हो चुकी है।

मेरी कंपनी में यह घटना हुई है, यदि अपराधियों का मनोबल नहीं तोड़ा गया तो जल्द ही दूसरी कंपनियों में भी यह घटना हो सकती है। इसलिए प्रशासन सक्रियता दिखाते हुए अपराधियों को पकड़े। साथ ही सरकार से अपील है कि वह अपनी नीतियों में बदलाव लाए ताकि कंपनी चल सके। कंपनियां बंद होगी तो बेरोजगारी बढ़ेगी और इस तरह की घटनाएं होंगी। कंपनी के मालिक महेश सोंथालिया इन दिनों पारिवारिक काम से कोलकाता में हैं।

Edited By: Jitendra Singh