गली के अड्डों से मोबाइल स्क्रीन तक फैला सट्टे का जाल, डिजिटल दांव में फंस रहे जमशेदपुर के युवा
जमशेदपुर में सट्टा और मटका का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जो अब मोबाइल और डिजिटल पेमेंट तक पहुंच ...और पढ़ें

मैसेजिंग ऐप्स के जरिए गुप्त लिंक और ग्रुप शेयर किए जाते हैं।
HighLights
जमशेदपुर में सट्टा-मटका का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है।
पारंपरिक सट्टे के साथ अब डिजिटल माध्यमों का भी उपयोग।
युवा आर्थिक संकट और कर्ज के जाल में फंस रहे हैं।
जासं, जमशेदपुर। लौहनगरी में सट्टा और मटका कारोबार के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई के दावों के बीच शहर के कई इलाकों में इसका नेटवर्क तेजी से फल-फूल रहा है।
दैनिक जागरण की टीम ने धरातल पर जाकर जब इसकी पड़ताल की, तो साकची, मानगो और परसुडीह समेत कई इलाकों में सट्टा गतिविधियों के एक्टिव ठिकाने नजर आए।
पड़ताल के दौरान टीम का कैमरा देखते ही संचालकों और दांव लगाने वालों में हड़कंप मच गया और वे मौके से फरार हो गए।
कहीं दीवार पर 'मटका चार्ट', कहीं रजिस्टर पर नंबर
साकची की मुर्गा लाइन और जलेबी लाइन से सटी गलियों में पड़ताल के दौरान एक दीवार पर सट्टे के नंबरों का चार्ट टंगा दिखाई दिया। पास में ही कुछ लोग रजिस्टर और कागज पर नंबर लिखकर मोबाइल पर व्यस्त थे।
जैसे ही जागरण टीम ने कैमरा निकाला, वहां हड़कंप मच गया। लोग अपना सामान समेटकर तंग गलियों की ओर भाग निकले।
इसी तरह मानगो, परसुडीह, बारीडीह और सिदगोड़ा इलाकों में भी सट्टेबाजी की शिकायतें सामने आईं, जहां स्थानीय लोगों के अनुसार रोजाना लाखों रुपये का दांव लगाया जाता है।
अड्डों से मोबाइल स्क्रीन तक फैला सट्टे का नेटवर्क
सट्टे का पारंपरिक कारोबार अब सिर्फ कागज, रजिस्टर और मटका चार्ट तक सीमित नहीं है। अब इसका दायरा मोबाइल और इंटरनेट तक फैल चुका है।
- व्हाट्सएप-टेलीग्राम से जुड़ाव: मैसेजिंग ऐप्स के जरिए गुप्त लिंक और ग्रुप शेयर किए जाते हैं।
- डिजिटल पेमेंट से दांव: यूपीआई (UPI) और अन्य ऑनलाइन वॉलेट के जरिए पैसे जमा कराकर दांव लगवाया जाता है।
- डिजिटल फॉरेंसिक जांच जरूरी: ऐप्स व वेबसाइट्स के असली आकाओं और वित्तीय लेनदेन की सटीक जानकारी पुलिस की डिजिटल फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आर्थिक संकट और कर्ज के जाल में उलझ रहे युवा
सट्टा कारोबार का सबसे खौफनाक पहलू युवाओं को निशाना बनाना है। कम पैसों से शुरू होकर यह आदत जल्द ही लत में बदल जाती है।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ युवाओं ने बताया कि ऑनलाइन सट्टे में भारी नुकसान के बाद उन्होंने दोस्तों और रिश्तेदारों से कर्ज लिया। कर्ज का बोझ बढ़ने से अब उनके परिवारों में विवाद और गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो रहा है।
