'थ्री इडियट्स' स्टाइल में छत पर ताला तोड़कर पी थी शराब, फिर पहुंचे डिमना; बचे डाॅ. यश ने बताई पूरी कहानी
जमशेदपुर में डिमना लेक में डूबे दो जूनियर डॉक्टरों की घटना से पहले, बचे हुए डॉक्टर यश बरछा ने बताया ...और पढ़ें

डिमना लेक हादसे से पहले एमजीएम हॉस्टल की छत पर शराब पार्टी, बचे डॉक्टर ने बताई पूरी कहानी।
HighLights
हादसे से पहले एमजीएम हॉस्टल की छत पर पी शराब।
ताला तोड़ते समय डॉक्टर समीर की उंगली में लगी चोट।
डॉ. यश ने साजिश, मारपीट के दावों को नकारा।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल काॅलेज अस्पताल के दो जूनियर डाक्टरों की डिमना लेक में डूबने से हुई मौत मामले में अब बचे डाक्टर डाॅ. यश बरछा ने पूरी घटना का क्रम पुलिस और दैनिक जागरण के समक्ष रखा है।
उनके बयान के अनुसार, घटना से पहले तीनों दोस्तों ने मशहूर बालीवुड फिल्म ''थ्री इडियट्स'' की तरह पीजी हाॅस्टल की छत पर बैठकर शराब पी थी। छत का दरवाजा बंद होने के कारण ईंट से ताला तोड़ा गया था। इसी दौरान डाॅ. समीर की अंगुली में चोट लगी, जिसके बाद एमजीएम अस्पताल में ड्रेसिंग भी कराई गई।
इसके बाद तीनों डिमना लेक के लिए रवाना हुए, जहां यह दर्दनाक हादसा हो गया। डाॅ. यश ने बताया कि 23 जुलाई की रात डाॅ. समीर अपनी कार लेकर आए थे। इसके बाद तीनों ने डिमना चौक के समीप एक दुकान से शराब खरीदी। शुरुआत में वे डाॅ. समीर के कमरे में गए, लेकिन समीर ने कहा कि खुले स्थान पर बैठकर शराब पीते हैं।
इसके बाद तीनों पीजी हाॅस्टल की छत पर पहुंचे। छत का दरवाजा बंद था और उस पर ताला लगा हुआ था। डा. यश के मुताबिक, ईंट से ताला तोड़ा गया। ताला तोड़ने के दौरान डाॅ. समीर की अंगुली में चोट लग गई।
इसके बाद वापस एमजीएम अस्पताल पहुंचे, जहां समीर की ड्रेसिंग कराई गई। डा. यश ने स्पष्ट कहा कि यह चोट किसी मारपीट या हाथापाई में नहीं लगी थी, बल्कि ताला तोड़ने के दौरान लगी थी। उन्होंने मारपीट, साजिश और लड़की से जुड़े दावों से इन्कार किया।
(जलाशय में डूबने से बचे डाॅ. यश ने की ‘जागरण’ से बात।)
सक्षम और यश नहीं जाना चाहते थे डिमना, लेकिन समीर ने बढ़ा दी कार
ड्रेसिंग के बाद डिमना जाने की बात हुई। डाॅ. यश के अनुसार, वह और डाॅ. सक्षम दोनों डिमना जाने के मूड में नहीं थे और उन्होंने मना भी किया था। हालांकि, कार डाॅ. समीर चला रहे थे। उन्होंने कार आगे बढ़ा दी, जिसके बाद दोनों भी साथ चल पड़े। रास्ते भर कार में तेज म्यूजिक बज रहा था और तीनों मस्ती करते हुए डिमना पहुंचे।
डिमना लेक पहुंचने के बाद तीनों कार से उतरकर डैम के नीचे जलाशय के किनारे बैठ गए। इसी दौरान डा. सक्षम का मोबाइल पानी में गिर गया। मोबाइल निकालने के लिए वह पानी में उतरे, लेकिन डूबने लगे।
उन्हें बचाने के लिए डाॅ. समीर भी पानी में कूदे, लेकिन वह भी डूबने लगे। इसके बाद डाॅ. यश भी दोनों को बचाने के लिए पानी में उतरे, लेकिन किसी तरह हाथ-पैर मारकर खुद बाहर निकलने में सफल रहे।
सचिन दूबे को बुलाया, रस्सी खोजी लेकिन नहीं बच सके दोनों
डाॅ. यश ने बताया कि मैं पानी में फंसा हुआ था। नाखुन की मदद से जकड़ा रहा। इतने में मुझे पीछे से उनकी आवाज आनी बंद हो गई। मैं अपने फोन से वाइस कमांड से अपने मित्र सचिन को बुलाया।
करीब 15 से 20 मिनट में सचिन वहां पहुंच गए और उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद दोनों ने रस्सी की तलाश की ताकि फिर पानी में उतरकर दोनों डाॅक्टरों को बचाया जा सके, लेकिन रस्सी नहीं मिली। इसके बाद परिजनों, साथियों और पुलिस को सूचना दी गई।
न साजिश, न मारपीट, न लड़की का मामला
डाॅ. यश ने कहा कि इस घटना को लेकर जिस तरह साजिश, मारपीट या लड़की से जुड़े दावे किए जा रहे हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि हम तीनों अच्छे दोस्त थे। हमारे बीच किसी तरह का विवाद नहीं था।
वह जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और जहां भी पुलिस या मृतक के स्वजन बुला रहे हैं, वहां जा रहे हैं। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।
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