जमशेदपुर में दूसरे राज्यों से बुलाए जा रहे शूटर: यूपी, बिहार और बंगाल के शूटरों के सहारे रची जा रही थीं हत्या-डकैती की साजिशें
जमशेदपुर में हत्या, फायरिंग और डकैती जैसी वारदातों के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से पेशेवर शूटर बुलाए ...और पढ़ें

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि स्थानीय आरोपियों ने प्रतीक के जरिए बिहार से शूटर मंगाए थे।
HighLights
जुगसलाई और सीतारामडेरा में कई पेशेवर शूटर गिरफ्तार किए गए।
कैनरा बैंक डकैती में भी अंतरराज्यीय संदिग्धों की पहचान हुई।
जासं, जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर में हत्या, फायरिंग, रंगदारी और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए दूसरे राज्यों से पेशेवर शूटरों को बुलाए जाने का खुलासा हुआ है।
वर्ष 2026 में दर्ज कई मामलों की जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के अपराधियों के नाम उजागर हुए हैं। स्थानीय स्तर पर रची जाने वाली साजिशों के लिए बाहरी राज्यों से बदमाशों को भाड़े पर बुलाकर कारोबारियों में दहशत फैलाने का खेल चल रहा है।
हाल ही में जुगसलाई में हुई गिरफ्तारियों और गोलमुरी कैनरा बैंक डकैतीकांड ने इस अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क की कलई खोल कर रख दी है।
पुलिस के अनुसार, जमशेदपुर में खासकर समस्तीपुर, वैशाली, सिवान, बेगूसराय, पटना, आरा, छपरा और उत्तर प्रदेश-पश्चिम बंगाल के बदमाशों की संलिप्तता लगातार सामने आ रही है।
जुगसलाई में छपरा से आए दो शूटर गिरफ्तार, 40 लाख की सुपारी का खुलासा
बीते 17 अक्टूबर 2026 को जमशेदपुर पुलिस ने जुगसलाई थाना क्षेत्र के खरकई रेलवे ब्रिज के पास त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
इनमें स्थानीय निवासी राजेश कुमार साव और मन्नू कुमार के अलावा बिहार के छपरा जिले के प्रतीक कुमार और विकास कुमार सिंह उर्फ रितिक शामिल थे।
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि स्थानीय आरोपियों ने प्रतीक के जरिए बिहार से शूटर मंगाए थे। दुर्गापूजा के दौरान शहर में हत्या, फायरिंग और डकैती की वारदातों को अंजाम देकर कारोबारियों में खौफ पैदा करना और रंगदारी वसूलना इनका मुख्य मकसद था।
इसके अलावा, पूछताछ में ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित एक बिल्डर की हत्या के लिए 40 लाख रुपये की कथित सुपारी दिए जाने का भी सनसनीखेज मामला सामने आया। पुलिस ने इनके पास से हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद कर एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
3 सितंबर को पकड़े गए यूपी के दो शूटर
इससे पहले 3 सितंबर को सीतारामडेरा थाना क्षेत्र स्थित भुइयांडीह बस स्टैंड के पास से पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी प्रदीप सिंह और अभिनय यादव को दबोचा था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों को एक स्थानीय गिरोह के सदस्य की हत्या के लिए जमशेदपुर बुलाया गया था। इस मामले में अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव और अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह के नाम भी सामने आए।
पुलिस के मुताबिक, उलीडीह निवासी सुनील रजक ने इन शूटरों के ठहरने की व्यवस्था की थी और इन्हें हथियार उपलब्ध कराए थे। जांच में यह भी पता चला कि ये शूटर 19 अगस्त को एक अन्य व्यक्ति की हत्या के इरादे से आए थे।
लेकिन सुपारी की रकम को लेकर हुए विवाद के चलते बिना वारदात को अंजाम दिए लौट गए थे और बाद में इन्हें फिर बुलाया गया था।
कैनरा बैंक डकैती में बिहार-बंगाल के संदिग्धों के नाम
दूसरी ओर, 24 सितंबर को गोलमुरी स्थित कैनरा बैंक से करीब 23 किलो सोना और 43 लाख रुपये की भारी-भरकम लूट के मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है।
इस सनसनीखेज वारदात में संलिप्त फरार संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी में मदद करने वाले को प्रति संदिग्ध दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
सार्वजनिक किए गए नामों में प्रियदर्शी उर्फ दर्शन कुमार (समस्तीपुर, बिहार), अक्षय कुमार उर्फ साका (पटना, बिहार) और अमन सिंह (रानीगंज, पश्चिम बंगाल) शामिल हैं। पुलिस की विशेष टीमें इनकी सुरागकशी में जुटी हुई हैं।
पुलिस की सख्ती और चेकनाकों पर कड़ी निगरानी
जमशेदपुर में बाहर से आकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोहों के बढ़ते मामलों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बेहद गंभीरता से लिया है।
अपराधियों की धरपकड़ और गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए डोबो चेकनाका, आदित्यपुर पुल के पास और पारडीह में विशेष चेकनाके बनाए गए हैं, जहां वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही है।
इसके साथ ही, सभी थाना प्रभारियों और डीएसपी को अपने-अपने क्षेत्रों के होटलों और लॉजों की नियमित रूप से चेकिंग करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि बाहरी अपराधियों की हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा सके।
