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जमशेदपुर के पास कपाली में गोवंश की सूचना पर जांच करने पहुंचे गोसेवकों और मीडिया पर पथराव, कार तोड़ी

By Ch Rao Edited By: Sanjeev Kumar
Published: Wed, 27 May 2026 12:25 AM (IST)

जमशेदपुर के पास कपाली के गौसनगर में गोवंश छिपाने की सूचना पर जांच करने पहुंचे गोवंश सेवकों और मीडियाकर्मियों पर ...और पढ़ें

जमशेदपुर के कपाली में गाेवंश की जांच करने पहुंचे गोसेवकों का विरोध करते स्‍थानीय लोग।

जमशेदपुर के कपाली में गाेवंश की जांच करने पहुंचे गोसेवकों का विरोध करते स्‍थानीय लोग।

HighLights

  1. गोवंश छिपाने की सूचना पर पहुंचे थे गोसेवक।

  2. स्थानीय भीड़ ने गोसेवकों, मीडिया पर किया हमला।

  3. पथराव में कार क्षतिग्रस्त, पुलिस ने बचाया जान।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र स्थित गौसनगर में मंगलवार दोपहर गोवंश (गाय-बैल) छिपाकर रखे जाने की सूचना पर जमकर बवाल हो गया। मामले की पड़ताल करने पहुंचे गोवंश सेवकों और उनके साथ गए मीडियाकर्मियों को स्थानीय लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। 
 
देखते ही देखते स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर धक्का-मुक्की, मारपीट और पथराव शुरू हो गया, जिसमें एक कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
 

पुलिस की लेट-लतीफी के बाद डायल 112 का सहारा 

जानकारी के अनुसार, गोवंश सेवक राजेश अग्रवाल अपने कुछ सहयोगियों के साथ मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे कपाली ओपी पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को पुख्ता सूचना दी कि गौसनगर फुटबॉल मैदान के पास सैकड़ों की संख्या में गोवंश को अवैध रूप से छिपाकर रखा गया है।

गोवंश सेवकों ने पुलिस से तुरंत मौके पर चलकर कार्रवाई का आग्रह किया। हालांकि, थाना प्रभारी (ओपी प्रभारी) की अनुपस्थिति के कारण वहां मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत जाने को तैयार नहीं हुए। 
 
इसके बाद गोसेवकों ने सीधे डायल 112 पर संपर्क कर मदद मांगी। सूचना मिलने पर आपातकालीन पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची और गोवंश सेवकों को साथ लेकर गौसनगर रवाना हुई। 
 

मौके से गायब मिले गोवंश, अचानक जुटी उग्र भीड़ 

जब पुलिस और गोसेवकों की टीम गौसनगर पहुंची, तो वहां एक भी गोवंश नहीं मिला। गोवंश सेवकों का आरोप है कि पुलिस के आने की भनक लगते ही तस्करों ने गोवंश को एक गुप्त रास्ते से जंगल की ओर पहले ही भगा दिया था।

इसी तलाशी के दौरान वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। उग्र भीड़ ने गोवंश सेवकों और कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया। 
 
आरोप है कि कुछ लोगों ने गोसेवकों को खटिया पर धकेलकर उनके साथ मारपीट की और उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया, जिससे कार का शीशा टूट गया। स्थिति हाथ से निकलती देख डायल 112 की टीम ने मुस्तैदी दिखाई। 
 
मुख्य शिकायतकर्ता गोसेवक को भीड़ से निकालकर सुरक्षित कपाली ओपी पहुंचाया। वहीं, उनके साथ बाइक से आए दो अन्य लोग जान बचाने के लिए जंगल के रास्ते भाग निकले। 
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कपाली में आक्रोशित लोगों ने कार को क्षतिग्रस्‍त कर दिया।

पुलिस पर भी लगा दुर्व्यवहार का आरोप, तस्करों से मिलीभगत की चर्चा 

थाना पहुंचने के बाद गोवंश सेवकों ने कपाली ओपी में तैनात एक पुलिस अधिकारी पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, बाद में पुलिस के आला अधिकारियों ने उग्र भीड़ को समझा-बुझाकर शांत कराया।

इस घटना के बाद इलाके में यह चर्चा तेज है कि आखिर पुलिस की गुप्त कार्रवाई की भनक तस्करों तक पहले ही कैसे पहुंच जाती है? गौरतलब है कि इससे पहले भी राजेश अग्रवाल की सूचना पर चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में धतकीडीह और मानगो इलाके में छापेमारी हुई थी, लेकिन तब भी तस्कर गोवंश को छिपाने में सफल रहे थे और पुलिस के हाथ सिर्फ तीन गोवंश लगे थे।

एक व्यक्ति ने गोवंश छिपाकर रखे जाने की सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस टीम उसे साथ लेकर गौसनगर गई थी। वहां मौके पर कोई गोवंश नहीं मिला। इसके बाद वह व्यक्ति जहां-तहां गोवंश रखे होने की बात कहने लगा, जिससे स्थानीय लोग नाराज हो गए और भीड़ जमा हो गई। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उस व्यक्ति को सुरक्षित भीड़ से निकाला और थाने लेकर आई।

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धीरंजन सिंह, ओपी प्रभारी, कपाली।