विजयादशमी: जमशेदपुर में गगनभेदी आतिशबाजी के बीच धू-धू कर जले रावण के पुतले, गूंजे जय श्रीराम के नारे
जमशेदपुर में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जहां विभिन्न स्थानों पर भव्य रावण दहन कार्यक्रमों का आयोजन ...और पढ़ें

मशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया।
HighLights
जमशेदपुर में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया।
कई स्थानों पर भव्य रावण दहन कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
अर्जुन मुंडा, सरयू राय ने सत्य की प्रेरणा दी।
जासं, जमशेदपुर। शहर में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न पूजा कमेटियों और समितियों की ओर से कई स्थानों पर भव्य रावण दहन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस महापर्व पर आतिशबाजी देखने और रावण के पुतलों को जलते देखने के लिए हजारों की संख्या में शहरवासी जुटे।
छोटा गोविंदपुर स्थित श्रीश्री वीर कुंवर सिंह मैदान में श्री रावण दहन समिति की ओर से एक भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया।
इस समारोह में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के दौरान जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया।
इस अवसर पर प्रमुख भाजपा नेता और समाजसेवी अमरप्रीत सिंह काले भी विशेष रूप से मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि विजयादशमी का पावन पर्व हर व्यक्ति को सत्य और धर्म की राह पर चलने की गहरी प्रेरणा देता है।
उन्होंने बल देते हुए कहा कि हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मकता को मजबूत करना चाहिए।
उधर, बागुनहातु फुटबॉल मैदान में श्री सार्वजनिक रावण दहन समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया।
इस गरिमामयी समारोह में भाजपा नेता एवं समाजसेवी अमरप्रीत सिंह काले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रतियोगिता के विजेताओं के बीच हुए पुरस्कार वितरण ने पूरे आयोजन को बेहद खास बना दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि विजयादशमी केवल पुतला जलाने और रावण दहन का पर्व भर नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर छिपे अहंकार, क्रोध, ईर्ष्या और द्वेष जैसी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का एक महान अवसर है।
उन्होंने समाज से आह्वान किया कि हमें आपसी प्रेम, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हुए समाज की हर बुराई का अंत करना चाहिए।
इसके अलावा, शहर के साकची रामलीला मैदान में रामलीला उत्सव समिति की ओर से पारंपरिक विजय जुलूस निकाला गया। इसके बाद श्रीराम के स्वरूप में सजे कलाकार द्वारा प्रयुक्त बाण से 16 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया।
