हिमांशु हत्याकांड के बाद हुए बंद पर कानूनी पेंच; भाजपा ने कहा- लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन कर रही पुलिस
भाजपा ने हिमांशु सिंह हत्याकांड के विरोध में बुलाए गए जमशेदपुर बंद के बाद अपने नेताओं पर दर्ज FIR को ...और पढ़ें

विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि प्रशासन झूठे मुकदमों से कार्यकर्ताओं को डरा नहीं सकता।
HighLights
जमशेदपुर बंद के बाद भाजपा नेताओं पर FIR दर्ज।
भाजपा ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश बताया।
पार्टी ने निष्पक्ष जांच, निराधार धाराएं हटाने की मांग की।
जासं, जमशेदपुर। बिष्टुपुर डबल डाउन बार के बाहर घटित करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड और शहर की गिरती कानून-व्यवस्था के खिलाफ 3 जुलाई को भाजपा द्वारा बुलाए गए जमशेदपुर बंद का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
बंद के दौरान टेल्को थाने में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज की गई प्राथमिकी को भारतीय जनता पार्टी ने एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है। इसके विरोध में पार्टी ने रणनीति तैयार की है।
जेएनएसी अधिकारी की शिकायत पर दर्ज हुआ है केस
दरअसल, जमशेदपुर बंद के दौरान प्रदर्शन करने और जबरन दुकानें बंद कराने के आरोप में जमशेदपुर अक्षेस (JNAC) के अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। इस मामले में:
इस मामले में विकास शर्मा, नीरज शर्मा, जितेंद्र राय, कल्याणी शरण समेत 18 प्रमुख नेताओं को नामजद किया गया है। इसके अलावा 12 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज है।
पुलिसिया कार्रवाई की तीखी आलोचना
इस कार्रवाई के विरोध में सोमवार को टेल्को सेक्टर मार्केट में भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई।
बैठक में मौजूद जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि प्रशासन झूठे मुकदमों के दम पर भाजपा कार्यकर्ताओं को डरा नहीं सकता।
अगर ये मुकदमे वापस नहीं लिए गए, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। वहीं, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में आकर बिना किसी ठोस सबूत के एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं।
लोकतांत्रिक अधिकारों का हो रहा दमन
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की दुर्भावना को साफ दर्शाती हैं। महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया।
बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिला पुलिस कप्तान (SSP) से मुलाकात करेगा।
प्रतिनिधिमंडल एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच करने और एफआईआर से निराधार धाराएं हटाने की मांग करेगा।
इस बैठक में पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर मिश्रा, रामबाबू तिवारी, दिनेश कुमार, गुंजन यादव सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
