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बिना टिकट सफर कराओ, कैश कमाओ: टाटानगर स्टेशन पर बड़ा रेल स्कैम, IRCTC कर्मी ने खोला राज

Published: Thu, 10 Sep 2026 10:37 PM (IST)

टाटानगर रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट यात्रा कराने और अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आईआरसीटीसी के एक ...और पढ़ें

ट्रेनों में बिना टिकट यात्रियों को यात्रा कराने को लेकर डिजिटल साक्ष्य के तौर पर व्हाट्सएप चैट और वीडियो भी होने का दावा किया गया है।

ट्रेनों में बिना टिकट यात्रियों को यात्रा कराने को लेकर डिजिटल साक्ष्य के तौर पर व्हाट्सएप चैट और वीडियो भी होने का दावा किया गया है।

HighLights

  1. टाटानगर में बिना टिकट यात्रा और अवैध वसूली का आरोप।

  2. आईआरसीटीसी कर्मचारी ने शिकायत कर जांच की मांग की।

  3. डिजिटल साक्ष्य और धमकी के आरोप भी सामने आए।

जासं, जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे एरिया कार्यालय से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। ट्रेनों में बिना टिकट यात्रियों को यात्रा कराने और उनके एवज में अवैध वसूली करने की शिकायत दर्ज कराई गई है। 
 
आईआरसीटीसी (IRCTC) के संविदा कर्मचारी उज्जवल कुमार उपाध्याय ने इस संबंध में अपने विभागीय मानव संसाधन (HR) अधिकारी, कोलकाता को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
 

इन प्रमुख ट्रेनों में अवैध वसूली का आरोप

शिकायत में टाटानगर एआरएम (ARM) कार्यालय के दो कर्मचारियों पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, जलियांवाला बाग एक्सप्रेस, शिरडी साईं एक्सप्रेस, गीतांजलि एक्सप्रेस और स्टील एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में यात्रियों से नकद रुपये लेकर बिना टिकट सफर कराने का आरोप लगाया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, एरिया कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बाहरी व्यक्तियों और वेंडरों को ट्रेनों में भेजा जाता है। ये बाहरी लोग यात्रियों से पैसे वसूलते हैं और उन्हें अवैध रूप से यात्रा कराते हैं।
 

बाहरी व्यक्ति को ट्रेन में भेजने का दावा, चैट और वीडियो भी आए सामने

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उज्जवल ने अपनी शिकायत में उल्लेख किया है कि ड्यूटी के दौरान उन्होंने एक बाहरी व्यक्ति को ट्रेन में देखा था। पूछताछ करने पर उसने एरिया ऑफिस के कर्मचारियों के कहने पर यात्रियों से पैसे लेने की बात स्वीकार की।

मामले में डिजिटल साक्ष्य के तौर पर व्हाट्सएप चैट और वीडियो भी होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने इन चैट, वीडियो और ड्यूटी रिकॉर्ड्स की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
 

विरोध करने पर धमकी देने का गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब संविदा कर्मचारी इस गलत व्यवस्था का विरोध करते हैं, तो उन पर दबाव बनाया जाता है और नौकरी से निकालने या नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती है। 
 
उन्होंने जांच प्रक्रिया पूरी होने तक शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा देने और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।


इस शिकायत में लगाए गए आरोपों की फिलहाल आधिकारिक या स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। रेलवे प्रशासन या संबंधित कर्मचारियों का पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।