जमशेदपुर, जेएनएन। नाबालिग के गले की वरमाला एक थानेदार के गले की फांस बन गई है। थाने में नाबालिग की शादी कराई गई थी। उस समय थानेदार को यह भान नहीं रहा होगा कि मामला तूल पकड़ेगा और उन्हें मुसीबत से दो - चार होना होगा। अब शादी के 17 दिन बाद मामला संज्ञान में आने के बाद वरीय पुलिस अधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं। इसमें थानेदार की गर्दन फंसती नजर आ रही है।

मामला कोल्हान प्रमंडल के सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर थाना का है। थाना परिसर में थानेदार और पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में नाबालिग का विवाह होने का मामला  महिला आयोग, सामाजिक संगठनों और मीडिया तक पहुंचने के बाद जिले के एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने मामले में मुख्यालय एक के डीएसपी को जांच करने को कहा है।  

हालांकि, एसपी ने बताया कि  मामले में किसी पक्ष से कोई लिखित शिकायत कहीं नहीं मिली है। लेकिन मामला संज्ञान में आने के बाद उन्होंने गंभीरता को समझते हुए जांच कराने का फैसला लिया है।एसपी ने कहा है कि जो रिपोर्ट मिलेगी उस अनुसार कार्रवाई होगी।

दो वर्ष की सजा और एक लाख जुर्माने का प्रावधान

 थाना में नाबालिग की शादी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2000 के तहत आता है। एक तरफ नाबालिग की शादी रुकवाने को कार्रवाई पुलिस करती है वहीं थाना में बाल-विवाह को लेकर पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है। बाल विवाह अधिनियम में विवाह में शामिल होने वाले, विवाह कराने वाले और इसके लिए प्रेरित करने वालों पर दो वर्ष सजा और एक लाख जुर्माना का प्रावधान है 

ये है असली कहानी

17 दिन पहले राजनगर के सरकारी आवासीय विद्यालय की एक छात्रा दीपावली की छुट्टी में अपने गांव आई थी। 9 नवंबर को दूसरे गांव के एक युवक ने उससे छेड़खानी की थी। ग्रामीणों को जानकारी मिली। लोग युवक को पकड़ कर थाना ले गए। जानकारी पर युवक के पिता थाना पर पहुंचे। वहां उपस्थित थाना के एक अधिकारी ने पिता को बताया कि उसके पुत्र ने एक नाबालिग के साथ गलत किया है। कानूनी कार्रवाई होगी।

पहले युवक के पिता से लिए पैसे, बाद में दबाव पर कराई शादी

डराकर 25 हजार रुपये की मांग की किसी तरह युवक के पिता ने 15 हजार रुपये इंतजाम कर पुलिस अधिकारी को दिया। युवक को छोडऩे की जानकारी पर नाबालिग किशोरी के चाचा ने पुलिस अधिकारी से गुहार लगाई कि बच्ची की बदनामी होगी इस कारण युवक से बच्ची की शादी करा दी जाए ऐसा ही पुलिस अधिकारी ने किया। नाबालिग किशोरी की गले में पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति में युवक की गले में वरमाला डलवा दी गई। युवक के साथ नाबालिग के ससुराल भिजवा दिया गया। घर पहुंचते ही युवक भाग गया इसके बाद मामला ने तूल पकड़ लिया। अब नाबालिग के परिवार वाले भी परेशान हैं।

थानेदार ने ये दी सफाई

दोषी बताए जा रहे थानेदार ने सफाई दी है कि मामला पूरी तरह गलत है। थाने में शादी की बात गलत है। किसी ने कोई शिकायत ही नहीं की। अगर की होती तो वे कार्रवाई करते। 

Posted By: Rakesh Ranjan