जगन्नाथपुर (जमशेदपुर) जेएनएन । राष्ट्रीय ग्रामीण स्वाथ्य मिशन (एनआरएचएम) कार्यक्रम के तहत अनुबंध पर वर्षों से कार्यकरत स्वास्थ्य कर्मी मंगलवार को संकेतिक हड़ताल करने के बाद जब सरकार के तरफ से कोई पहल होता नही दिखा तो बुधवार से सभी अनिश्चितकालिन हड़ताल पर चले गये है। इस हड़ताल का  असर अनुमंडल मुख्यालय का जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी दिखा। बुधवार को प्रभारी चिकात्सा पदाधिकारी को सूचना देने के बाद यहां सीएचसी में अनुबंध पर कार्यरत 35 स्वास्थ्य कर्मी स्वास्थ्य केंद्र परिसर में दरी व तख्ती लगा कर अनिश्चितकालान हड़ताल पर चले गये है। जानकारी हो की जगन्नाथपुर सीएचसी में करीब 80 फिसदी स्वास्थ्यकर्मी अनुबंध पर है। उनके हड़ताल पर चले जाने से यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था चरामराने लगी है। कोविड सहित अन्य प्रभागो  का काम भी प्रभावित हो रहा है।

जगन्नाथपुर सीएचसी अन्तर्गत एनआरएचएम के तहत अनुबंध पर कार्यरत एएनएम 26, जीएनएम 2, लैबटेक्निशीयन 2, बीपीएम 1, बीएएम 1 और 3 एमओ (मेडिकल अफसर) राष्र्टीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) डा. रामनाथ शर्मा, डॉ. इकबाल और डा. निरोला महातो सहित अय अन्य अनिश्चितका लिन हड़ताल पर हैं। इसकी जानकारी देटे हुए राष्टीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के मेडिकल अॉफिसर डा. रामनाथ शर्मा ने जानकारी दी कि जब तक झारखण्ड सरकारी मांगे पूरी नही करेगी वे हड़ताल पर डटे रहेंगे। डा. शर्मा ने कहा कि हमारी मांग है कि सरकारी हमारा समायोजन करे। हमे समान काम, समान वेतन दे। कोविड 19 की ड्यूटि में अतिरिक्त भत्ता मिले। कोरोना काल के मद्देनजर सबका अनुबंधकर्मी का स्वास्थ्य बीमा हो। पीएफ मिले। कोविड ड्यूटि के दौरान यदि किसी कर्मी की मृत्यू होने पर सरकार 50 लाख का मुआवाजा दे।

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