जमशेदपुर, अमित तिवारी : सिर दर्द को हल्के में नहीं लें। अक्सर देखा जाता है कि सिर दर्द होने पर लोग मेडिकल दुकानों से पेन किलर की दवा लेकर खा लेते हैं। लेकिन, ऐसा करने वालों को सावधान होने की जरूरत है। बिना डॉक्टर परामर्श के दवा बिल्कुल नहीं खाएं। क्योंकि इससे न तो बीमारी पकड़ में आएगी और न ही स्थायी इलाज हो पाएगा। बल्कि ज्यादा पेन किलर खाने से किडनी भी डैमेज हो जाती है। शहर में इस तरह के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) व ब्रह्मानंद नरायणा अस्पताल का आंकड़ा देखा जाए तो हर माह 150 से अधिक ब्रेन ट्यूमर के मरीज मिल रहे हैं। इसमें से अधिकांश मरीज सिर दर्द, मिर्गी, उल्टी, बेहोशी, भूलने की समस्या सहित अन्य लेकर पहुंचते हैं। इसके बाद जब सिटी स्कैन या फिर एमआरआई जांच कराई जाती है तो रिपोर्ट में ब्रेन ट्यूमर की पुष्टि हो रही है।

सही समय पर इलाज नहीं होने से खतरा अधिक

ब्रेन ट्यूमर का सही समय पर इलाज काफी जरूरी है। कई मरीजों में देखा जाता है कि यह ट्यूमर कैंसर का भी रूप ले लेता है। जिससे मरीज के लिए खतरा और भी अधिक बढ़ जाता है। साथ ही इलाज भी महंगा हो जाता है। ब्रेन ट्यूमर का मुख्य कारण रेडिएशन, जेनेटिक व केमिकल है। चिकित्सकों के अनुसार, जमशेदपुर में पोटका क्षेत्र से ब्रेन ट्यूमर के मरीज अधिक सामने आते है।

किसी को भी हो सकता है ब्रेन ट्यूमर

ब्रेन ट्यूमर किसी को भी हो सकता है। बच्चों में भी ब्रेन ट्यूमर की शिकायत देखने को मिलती है। वहीं, ज्यादा उम्र 40 साल के बाद के लोगों में यह समस्या सामने आती है। ब्रेन ट्यूमर का स्थायी इलाज सर्जरी है। हालांकि, शुरुआती दौर में अगर कोई मरीज पहुंचता है तो उसे दवा के माध्यम से भी नियंत्रित किया जा सकता है। जब ब्रेन में ट्यूमर अधिक बढ़ जाता है तो पहले उसे रेडियोथेरेपी देकर छोटा किया जाता है उसके बाद सर्जरी होता है।

ब्रेन ट्यूमर क्या है

हमारे मस्तिष्क में अचानक ही असामान्य कोशिकाओं का बढ़ना ब्रेन ट्यूमर कहलाता है। ऐसे समय में लोगों को तत्काल चिकित्सक से संपर्क करनी चाहिए। कुछ ब्रेन ट्यूमर कैंसर बन जाते हैं जो अधिक खतरनाक होता है। ब्रेन ट्यूमर कई तरह के होते हैं। शुरुआती दिनों में इसकी पहचान होने से बीमारी का इलाज सही ढंग से हो पाता है।

ब्रेन ट्यूमर का लक्षण

  • सिर दर्द। कभी कभी तेज दर्द भी होने लगता है।
  • उल्टी होना।
  • बेहोशी होना।
  • भूलने की समस्या।
  • शरीर के एक भाग में कमजोरी महसूस होना।
  • दिखाई कम देना।
  • बोलने और सुनने में परेशानी होना।
  • व्यवहार में बदलाव आना।

ब्रेन ट्यूमर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। सबसे जरूरी बात है कि सिर दर्द होने पर कभी भी अपने मन से दवा नहीं खाएं। चिकित्सक से संपर्क जरूर करें। हमारे पास हर माह पांच से अधिक मरीज ऐसे आ रहे हैं जो सिर दर्द या फिर अन्य लक्षण लेकर आते हैं और जब जांच कराई जाती है तो ब्रेन ट्यूमर की पुष्टि होती है। ऐसे में थोड़ा सा भी लापरवाही नहीं बरतें।

- डॉ. अरुण कुमार, न्यूरो फिजिशियन, ब्रह्मानंद नारायणा अस्पताल।

Edited By: Jitendra Singh