जमशेदपुर, जागरण संवाददाता। कहते हैं मजबूत इच्छा शक्ति के बूते कुछ भी असंभव नहीं है। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम की इस स्वयंसेवी संस्था ने जब माहवारी स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने की योजना बनाई तो इसके योजनाकारों को लगा कि शायद ही योजना सफल हो। लेकिन देखते ही देखते मुहिम रंग लाई और अब तो सामाजिक संस्था निश्चय की माहवारी स्वच्छता जागरूकता मुहिम को लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस में भी जगह मिल गई है।

संस्था पिछले डेढ़ साल से जिले के ग्रामीण इलाकों में माहवारी स्वच्छता पर कार्य कर रही है। इस वर्ष 28 मई को माहवारी स्वच्छता दिवस के मौके पर विद्यालयों में जनभागीदारी से पैडबैंक की स्थापना करने की शुरुआत की थी। संस्था के सचिव तरुण कुमार बताते हैं कि माहवारी के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने हेतु निश्चय प्रयासरत है।इस वर्ष मार्च से मई के बीच गिफ्ट सैनिटरी पैड्स फॉर रूरल गर्ल्‍स अभियान के तहत 5000 से ज्यादा सैनिटरी पैड्स के पैकेट्स इकट्ठा करने के लिए हमने मिशन 5000 प्लस अभियान चलाया था। अभियान के माध्यम से कुल 5163 पैकेट सैनिटरी पैड्स जुटाए गए थे।

अगले वर्ष फरवरी में मिलेगा प्रमाण पत्र

 सैनिटरी पैड्स फॉर रूरल गर्ल्‍स मिशन 5000 प्लस अभियान को लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में स्थान मिला है। फरवरी 2019 में लिम्का बुक ऑफ रिकार्डस के द्वारा निश्चय को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। संस्था सैनिटरी पैड्स फॉर रूरल गर्ल्‍स अभियान के माध्यम से जुटाए गए सैनिटरी पैड्स पैकेट्स की मदद से घाटशिला, पोटका एवं जमशेदपुर के ग्रामीण इलाकों के 14 विद्यालयों में पैडबैंक का संचालन कर रही है। पैडबैंक का महत्वपूर्ण उद्देश्य ग्रामीण इलाके में रहने वाले बच्चों व समुदाय में माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरुकता लाना है। बच्चियों में खुद की शिक्षा एवं स्वास्थ्य हेतु बचत करने की आदत विकसित करना है।

यह भी जाने

-संस्था ने अभियान के माध्यम से जुटाए कुल 5163 पैकेट सैनिटरी पैड्स

-ग्रामीण इलाकों की छात्रों को माहवारी को लेकर जागरूक कर रही संस्था

 

Posted By: Rakesh Ranjan

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