जागरण संवाददाताए जमशेदपुर : एमजीएम (महात्मा गाधी मेमोरियल) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हाईड्रेंट फायर सेफ्टी सिस्टम (पाइपलाइन फायर फाइटिंग सिस्टम) लगने जा रहा है। यह फायर फाइटिंग सिस्टम एमजीएम अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग व नई बिल्डिंग में भी लगाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज की पोस्ट ग्रेजुएट सीटों की मान्यता को लेकर दिल्ली से आई मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जाच टीम ने अस्पताल में फायर फाइटिंग की उचित व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इसे लेकर राज्य अग्निशमन अधिकारी आरकेठाकुर ने अपने अधिकारियों की टीम के साथ मंगलवार को एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण किया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसएन झा के चैंबर में बैठक कर इस मुद्दे पर मंथन किया। राज्य अग्निशमन अधिकारी ने अस्पताल अधीक्षक को हाईड्रेंट फायर सेफ्टी सिस्टम के बारे में पूरी जानकारी दी। किस वार्ड में किन यंत्रों की जरूरत है, इसके बारे में बताया। अधिकारियों का कहना है कि अग्निशमन विभाग अस्पताल में पाइपलाइन फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का खाका तैयार कर चुका है। जल्द ही इसका डीपीआर बनाया जाएगा। डीपीआर तैयार होने के बाद राज्य स्तर से ही इसका टेंडर निकलेगा।

फिलहाल नहीं है इंतजाम

एमजीएम अस्पताल में फिलहाल आग से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं हैं। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में थोड़े बहुत फायर फाइटर सिलेंडर लगे हुए हैं, जो नाकाफी हैं। सर्जरी, बच्चा, गायनी आदि कई वाडरें में फायर फाइटर सिलेंडर लगे ही नहीं हैं। ऐसे में अगर अस्पताल में अप्रिय घटना घटती है तो इस पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। यही नहीं मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी अस्पताल अधीक्षक को अस्पताल में पाइप लाइन फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने का निर्देश दिया है।

दरअसल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया से पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स की मान्यता मागी है। इस पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की कई टीमें एमजीएम अस्पताल का निरीक्षण कर चुकी हैं। इन टीमों ने जाच में पाया है कि एमजीएम अस्पताल में फायर सेफ्टी की व्यवस्था ठीक नहीं है। कुछ वार्ड में ही इक्का-दुक्का फायर फाइटिंग सिलेंडर लटके हुए हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम की रिपोर्ट के अनुसार एमजीएम अस्पताल में फायर फाइटिंग की उचित सुविधा नहीं होने से मरीजों की जान हमेशा खतरे में रहती है। इसी वजह से एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने राज्य सरकार को अस्पताल में पाइप लाइन फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने को पत्र लिखा था। अब यहा पाइपलाइन फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है।

-----------------------

सरेंडर हुई थी फायर सेफ्टी की रकम

एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एसएन झा ने बताया कि पिछले साल फायर सेफ्टी के लिए सरकार ने रकम दी थी। इसके बाद टेंडर हुआ था। लेकिन, बाद में स्वास्थ्य विभाग ने इस पर एतराज कर दिया था। विभाग का कहना था कि बिना अग्निशमन विभाग से जांच कराए ही टेंडर निकाल दिया गया है। इसके बाद टेंडर रद कर दिया गया और रकम सरेंडर हो गई।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस