भुईयांडीह से साकची तक गूंजा विरोध: बेघर परिवारों ने प्रशासन से पूछा अब ठंड में कहां जाएंगे, डीसी साहेब जवाब दो
जमशेदपुर में भुईयांडीह से साकची तक बेघर हुए परिवारों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से पूछा कि वे ठंड में कहां जाएंगे और डीसी से जवाब मांगा। विस्थापित परिवारों ने आश्रय की मांग की और आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने डीसी से हस्तक्षेप करने की मांग की।

शनिवार को भुईयांडीह से साकची तक प्रशासन और टाटा के खिलाफ महिलाओं ने की नारेबाजी।
धरना स्थल पर संबोधित करते हुए दुलाल भुईयां ने कहा कि संविधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर भुईयांडीह श्मशान घाट, भुईयांनगर, इंदिरानगर और निर्मल नगर इलाके के लगभग 110 गरीब परिवारों का आशियाना तोड़ देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
दुलाल भुईयां ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री एवं ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास, टाटा प्रबंधन और जिला प्रशासन के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई होगी। इसके बावजूद सर्दी के मौसम में परिवारों को बेघर करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
धरना स्थल पर मौजूद महिलाओं ने जानकारी दी कि वे यहां 50 वर्ष से अधिक समय से रह रही हैं। मौसमी कुमारी, लखी और ममता भुईयां ने कहा कि उनके पूरी जिंदगी के सपने इसी घर में जुड़े थे।
दुकानदार मिथु दास ने कहा कि दुकान टूटने से आय का स्रोत खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि दुकान भी गई, घर भी गया। अब परिवार कैसे चलाऊं?

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