जमशेदपुर, गुरदीप राज।  टाटानगर स्टेशन के इन गेट के पास 17 फरवरी, 2019 को लगाए गए 40 वर्ष पुराना व 140 टन वजनी हेरिटेज लोको इंजन को जल्द ही यहां से  हटाया जाएगा। इस साधारण मॉडल इंजन को इस स्थान से हटाए जाने के बाद यहां करीब सौ वर्ष पुराना ऐतिहासिक इंजन को स्थापित किया जाएगा।

ऐतिहासिक धरोहर के रूप में यहां लगने वाले इंजन को टाटानगर स्टेशन आने-जाने वाले यात्री रुबरू हो सकेंगे। लोग यहां लगने वाले ऐतिहासिक इंजन को करीब से देख सकेंगे और उस इंजन के इतिहास को भी जान सकेंगे। इंजन के सामने ही उक्त इंजन का इतिहास हिंदी व अंग्रेजी  भाषा में लिखा होगा। इस इंजन को मॉडल इंजन की तर्ज पर यहां स्थापित किया जाएगा ताकि यात्री या शहरवासी इस ऐतिहासक इंजन के साथ अपनी सेल्फी ले सकें। देश भर के कई ऐतिहासिक इंजनों को चक्रधरपुर मंडल के रेल अधिकारियों ने देखना शुरू कर दिया है। ऐतिहासिक इंजन होने के साथ-साथ आकार में छोटे इंजन की तलाश मंडल को है।

इंजन की लंबाई अधिक होने से बढ़ रही परेशानी

टाटानगर स्टेशन में इन गेट व पार्सल कार्यालय के समीप लगे 140 टन वजनी व करीब 20 मीटर लंबे इंजन के कारण स्टेशन का लूक खराब होने के साथ- साथ स्टेशन बिल्डिंग ही छुप जा रही है। इतना ही नहीं पार्सल कार्यालय गेट भी बंद करना पड़ा। इस इंजन को लगाने के लिए पार्सल गेट के समीप 23 मीटर लंबा व पांच मीटर चौड़ा ढलाई कर पिच तैयार किया गया है । इसके ऊपर ही इंजन को रखा गया है। इस इंजन को यहां से हटा कर इसके स्थान पर दूसरा इंजन लाया जाएगा, लेकिन उस इंजन की लंबाई कम होगी। छोटे इंजन की तलाश रेलवे कर रही है। देश के किसी कोने में भी अगर ऐतिहासिक व छोटा इंजन चक्रधरपुर मंडल को मिलेगा तो वह उक्त इंजन को टाटानगर लेकर आएगी और स्थापित करेगी। इसकी तलाश मंडल रेलवे कर रही है।

इंजन स्थापित करने के लिए इन गेट को आठ घंटे किया गया था  ब्लॉक

इस इंजन को टाटानगर में स्थापित करने के लिए 17 फरवरी की सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक इन गेट से यात्रियों का आना-जाना पूरी तरह से बंद कर दिया गया था।  इस दौरान यात्री स्टेशन के आउट गेट से ही  आना -जाना कर रहे थे। इस इंजन को लाने में  स्टेशन-जुगसलाई सड़क मार्ग में अवरोध ना हो इसके लिए रेलवे की ओर से 16 फरवरी की रात 10.30 बजे बजे बाद दो ट्रेलर व दो क्रेन की मदद से इंजन को टाटानगर लोको साइड से इन गेट से प्रवेश करा कर पार्सल विभाग के सामने बनी पटरियों पर रखा गया। लोको शेड में लगे इस इंजन को एक दिन पहले ही डिस्मेंटल कर दिया गया है। रेलवे के सीनियर डीईई, क्षेत्रीय प्रबंधक, स्टेशन निदेशक, एइएन समेत इंजीनियिरंग विभाग के 13 अधिकारियों के देख-रेख में  इस हेरिटेज लोको इंजन टाटानगर में लगाया गया था।

ये कहते रेलवे के अधिकारी

टाटानगर के इन गेट के समीप लगे मॉडल इंजन को वहां से हटाया जाएगा और उसके स्थान पर ऐतिहासिक व छोटा इंजन लगाया जाएगा। ऐतिहासिक इंजन की तलाश मंडल कर रहा है।

-मनीष कुमार पाठक, सीनियर डीसीएम, चक्रधरपुर रेल मंडल

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