विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Himanshu Singh Murder Case: 4 आरोपितों के नाबालिग होने के दावे पर कानूनी प्रक्रिया शुरू, जुवेनाइल कोर्ट में पेश करना होगा प्रमाण

Published: Mon, 05 Oct 2026 12:00 AM (IST)

जमशेदपुर के हिमांशु सिंह हत्याकांड में नामजद चार आरोपितों को पुलिस ने आधार कार्ड के आधार पर नाबालिग माना है ...और पढ़ें

27 जून को हुए आदित्यपुर निवासी हिमांशु सिंह की हत्या मामले में चार नाबालिग है और सभी बाल सुधार गृह में है।

27 जून को हुए आदित्यपुर निवासी हिमांशु सिंह की हत्या मामले में चार नाबालिग है और सभी बाल सुधार गृह में है।

HighLights

  1. हिमांशु हत्याकांड के चार आरोपित आधार पर नाबालिग माने गए।

  2. जुवेनाइल कोर्ट में उम्र का ठोस कानूनी प्रमाण देना होगा।

  3. कुल 16 आरोपित गिरफ्तार, पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया।

जासं, जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार के सामने 27 जून को हुए आदित्यपुर निवासी हिमांशु सिंह हत्याकांड में नामजद चार आरोपितों को पुलिस ने आधार कार्ड के आधार पर नाबालिग माना है और वे फिलहाल बाल सुधार गृह में हैं। 
 
हालांकि, कानूनी प्रक्रिया के तहत अब इन आरोपितों को जुवेनाइल कोर्ट में अपने नाबालिग होने का ठोस कानूनी प्रमाण (शैक्षणिक दस्तावेज या जन्म प्रमाण पत्र) प्रस्तुत करना होगा। दस्तावेज सत्यापन के बाद ही जुवेनाइल बोर्ड के समक्ष आगे की सुनवाई शुरू होगी।
 
इस चर्चित हत्याकांड में 4 नाबालिगों समेत कुल 16 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने सभी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) भी समर्पित कर दिया है। 
 
मुख्य आरोपितों में डीडी बार के संचालक सह भाजपा नेता नीरज सिंह, बार प्रबंधक विजय महानंद, विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा, राहुल दुबे, राज लोहार, लखींद्र लोहार, राघवेंद्र उर्फ घेरे और गणेश मछुआ शामिल हैं। लखींद्र और राज लोहार की ओर से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में अर्जी दाखिल की जा चुकी है।
 

प्रत्यक्षदर्शी ने की आरोपितों की पहचान 

अदालत में हिमांशु के पिता अरविंद सिंह और घटना के मुख्य प्रत्यक्षदर्शी सह गंभीर रूप से घायल प्रत्युष समेत अन्य मुख्य गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। प्रत्युष ने जेल में बंद आरोपितों की टीआईपी (Test Identification Parade) के दौरान पहचान की है।
 
गौरतलब है कि घटना के दिन हमलावरों ने पुलिस वाहन से खींचकर जानलेवा हमला किया था। इस हमले में हिमांशु और प्रत्युष दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 
 
इलाज के लिए टीएमएच ले जाने पर हिमांशु सिंह की मौत हो गई थी, जबकि प्रत्युष का कोलकाता में लंबा इलाज चला था।