जमशेदपुर (जागरण संवाददाता)। खर्राटे आना सामान्य बात है किंतु यह जानलेवा भी हो सकता है। इसका दूसरा रूप स्लिप ऐपनिया है। इससे सांसें फंस सकती हैं। व्यक्ति की मौत होने की संभावना बढ़ जाती है। मुंबई के डॉ. विकास अग्रवाल ने यह जानकारी दी। टीएमएच अस्पताल में उनके द्वारा चार मरीजों की स्लिप ऐपनिया की सफल सर्जरी की गई।

डॉ. विकास अग्रवाल ने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार देश में 10 फीसद लोग स्लिप ऐपनिया की चपेट में हैं। इसमें तालू चिपक जाता है, सांसें अटक जाती हैं और नींद टूट जाती है। नींद पूरी नहीं होने से शरीर को आराम नहीं मिल पाता है। जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, मधुमेह, ब्लड प्रेशर सहित अन्य बीमारी बढऩे लगती है। उन्होंने कहा कि अधिकांश देखा जाता है कि हार्ट अटैक सुबह 3-4 बजे होता है।

इसका एक कारण स्लिप ऐपनिया भी है। लोगों में टांसिल बढऩे, नाक की हड्डी टेढ़ा, तालू बड़ा होना, जीभ बड़ी होने से सांसें अटक जाने से व्यक्ति की मौत का खतरा बढ़ जाता है। इस बीमारी की पहचान स्लीप स्टडी और स्लीप इंडोस्कोपी से की जाती है। कोबलेशन टेक्नोलॉजी से इसका इलाज किया जाता है। इस अवसर ईएनटी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. केपी दूबे, डॉ. अजय गुप्ता सहित अन्य डॉक्टर मौजूद थे।

Posted By: Rakesh Ranjan

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